युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। आज जिलाधिकारी कार्यालय में उस समय अफरा-तफरी व दहशत का माहौल व्याप्त हो गया, जब सेक्टर-२३ कॉलोनी में रहने वाले धर्मेंद्र नामक एक व्यक्ति आत्मदाह के इरादे से जिलाधिकारी के सामने ज्वलनशीन पदार्थ से भरी शीशी अपने ऊपर उढ़ेलने लगा। इससे पहले धर्मेंद्र आत्मदाह जैसी घटना को अंजाम दे पाता, डीएम राकेश कुमार सिंह ने अपने सुरक्षाकर्मियों व स्टॉफ के सहयोग से उस व्यक्ति को पकडक़र, सिटी प्रथम निपुण अग्रवाल व पुलिस को मौके पर बुलवा लिया। एसपी सिटी प्रथम व पुलिस के अन्य अधिकारियों के मौके पर पहुंचने के बाद घटना से गुस्साये जिलाधिकारी पुलिस प्रशासन के अधिकारियों पर भी जमकर बिफरे। उसके बाद एसपी सिटी प्रथम निपुण अग्रवाल ने खुद ही धर्मेंद्र को पकडक़र मौके पर मधुबन बापूधाम थाना पुलिस व सेक्टर-२३ चौकी प्रभारी को मौके पर बुला लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उक्त घटना में मधुबन बापूधाम के एसएचओ सुनील कुमार व चौकी प्रभारी सैक्टर-२३ के द्वारा बरती गई शिथिलता के चलते एसपी सिटी प्रथम ने उनकी जमकर क्लास ली। बहरहाल डीएम की सजगता के चलते एक अनहोनी होने से तो बच गई, लेकिन इस घटना ने पुलिस के सुरक्षा व चाक चौबंद सजगता की पोल तो खोल ही दी।
आखिर धर्मेंद्र ने आत्मदाह की कोशिश करने के लिये डीएम कार्यालय को ही क्यों चुना?
सैक्टर-२३ में रहने वाले पुलिस के गैरजिम्मेदारानापूर्ण रवैये से दुखी धर्मेद्र ने आखिर आत्मदाह करने की कोशिश करने के लिये जिलाधिकारी का कार्यालय ही क्यों चुना, जब इस बाबत पीडि़त से पूछा गया तो उसने रोते हुए बताया कि, कुछ समय पूर्व संप्रदाय विशेष के युवक ने उसकी नाबालिग पुत्री को अगवा करके कहीं पर छुपा दिया। अपनी नाबालिग पुत्री को अपहरणकर्ता के चंगुल से छुड़ाने के लिये वह काफी समय से सैक्टर-२३ चौकी व एसएचओ थाना मधुबन बापूधाम के कार्यालय से लेकर पुलिस के आला अफसरों के कार्यालय के चक्कर काट रहा था। लेकिन पुलिस अधिकारियों ने न तो उसकी फरियाद सुनकर अपहृत पुत्री को बरामद करने का प्रयास किया और न ही अपरणकर्ता अथवा उसके सहयोगियों को ही गिरफ्तार किया। धर्मेंद्र ने बताया कि जब उसकी फरियाद कहीं ना सुनी गई, तो उसने जिलाधिकारी के सामने ही आत्मदाह करने का मन बनाया।
घटना के संदर्भ में क्या कहना है एसपी का
आज जिलाधिकारी की केबिन में हुई आत्मदाह करने की कोशिश की सूचना के बाद डीएम कार्यालय पहुंचे एसपी सिटी प्रथम निपुण अग्रवाल ने बताया कि धर्मेंद्र के द्वारा लगाये गये ये आरोप कि पुलिस ने कुछ नहीं किया पूरी तरह से सत्य नहीं हैं। श्री अग्रवाल ने बताया कि उसके द्वारा तहरीर दिये जाने के बाद मधुबन बापूधाम थाना पुलिस ने न केवल १८ अप्रैल को ही रिपोर्ट दर्ज कर ली थी, बल्कि जिस युवक पर नाबालिग लडक़ी को भगाकर ले जाने के आरोप लगाये गये थे, पुलिस ने उस युवक से भी कई बार पूछताछ की। श्री अग्रवाल ने बताया कि युवक घटना के बाद से ही अपने घर पर मौजूद है। श्री अग्रवाल ने बताया कि इस मामले में पुलिस के द्वारा की गई जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता लगा कि नाबालिग लडक़ी नोएडा जाने की बात कहकर घर से निकली थी। उसकी दो परिचित लड़कियां एमपी में रह रही हैं। पुलिस लापता लडक़ी की बरामदगी के लिये वैज्ञानिक तकनीकि का सहारा लेकर हर ऐंगल पर जांच कर रही है।
इसका मतलब तो डीएम कार्यालय भी सुरक्षित नहीं है
खैर जिलाधिकारी व उनके स्टाफ की सजगता के चलते आज एक सनसनीखेज घटना तो होते-होते बच गई, लेकिन आज एक शख्स के द्वारा डीएम कार्यालय में ज्वलनशील पदार्थ से भरी शीशी के साथ जिले के मुखिया की केबिन में घुसकर और उनके सामने ही अपने ऊपर तेल छिडक़र न केवल पुलिस की चॉक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलने का काम किया, बल्कि इस बात को भी बल दे दिया कि ऐसे तो जिलाधिकारी व उनका कार्यालय भी सुरक्षित नहीं है। उधर सूत्रों का कहना है कि आज हुई घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने जिला मुख्यालय की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।