युग करवट संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। एक समान मुआवजा व स्थाई रोजगार की मांग को लेकर जनपद गौतमबुद्धनगर के जारचा स्थित एनटीपीसी प्लांट पर धरना दे रहे किसानों के ऊपर मंगलवार को पुलिस द्वारा लाठीचार्ज करने तथा किसानों खिलाफ मुकदमा दर्ज कर 12 किसान नेताओं की गिरफ्तारी से आक्रोशित हजारों की संख्या में ग्रामीण आज भी रसूलपुर गांव के पास बाजार बंद कर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया है कि पुलिस किसानों का उत्पीडऩ कर रही है। आंदोलनकारियों ने गिरफ्तार किसान नेताओं को बिना शर्त रिहाई, मुकदमे वापसी, व अन्य समस्याओं को दूर करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी तब तक उनका आंदोलन चलता रहेगा। किसानों और ग्रामीणों के समर्थन में समाजवादी पार्टी, लोकदल और आम आदमी पार्टी के नेता भी उतर आए हैं। उन्होंने इसकी निंदा करते हुए किसानों को अपना समर्थन दिया है। उन्होंने कहा है कि भाजपा सरकार किसानों पर अत्याचार कर रही है।
मालूम हो कि मंगलवार को एनटीपीसी से मुआवजा और रोजगार समेत अन्य मांगों को लेकर धरना दे रहे किसान नेता सुखबीर खलीफा समित 12 किसानों को गिरफ्तार कर लिया गया था। उन्हें बुधवार को कोर्ट मे पेश किया गया जहां से न्यायालय ने उनको 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। किसानों का आरोप है कि पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया, जिससे कई किसानों और महिलाओं को चोट आई है। किसानों का दावा है कि 24 लोग पुलिस की लाठीचार्ज में घायल हुए हैं। आज किसानों ने रसूलपुर गांव के पास धरना दिया तथा मार्केट को बंद करवा दिया।
वही पुलिस अधिकारियों का दावा है कि मंगलवार को किसानों ने पुलिस बल पर हमला किया, जिसमें 2 सिपाही घायल हो गए। उन्होंने कहा है कि हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में प्रदर्शनकारियों खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।
12 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि किसानों के प्रदर्शन के चलते एनटीपीसी में काम करने वाले मजदूर डर के मारे प्लांट में काम करने नहीं आ रहे हैं। बिजली का उत्पादन भी काफी कम हो गया है। बताया जाता है कि कई स्कूल भी किसान आंदोलन के चलते बंद हो गए हैं।