युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। इसे मानवीय अज्ञानता कहें या फिर प्रशासनिक लापरवाही, इसके पीछे चाहे कोई भी कारण हो, पर आज सुबह सिहानी गेट थाना क्षेत्र अंतर्गत राकेश मार्ग पर स्थित तेनसिंह पैलेस के पीछे वाले मौहल्ले में रहने वाले पांच परिवारों के ऊपर उस समय गम का पहाड़ टूट पड़ा जब करंट ने तीन बच्चियों, एक महिला समेत पांच लोगोंं की जान ले ली।
इस दर्दनाक हादसे के बाद जहां इलाके में कोहराम मच गया वहीं पुलिस व प्रशासन में भी हड़कंप मच गया। करंट लगने की वजह से पूरे मौहल्ले में मातमी सन्नाटा पसर गया और जिन परिवारों ने अपनी-अपनी अबोध बच्चियों व कमाऊ युवा पुत्र व मां को खोया, उनके घरों से अगर कुछ सुनाई दे रहा था तो वो थी दिल दहला देने व सिहरन पैदा करने वाली चीखें और करूण विलाप। दर्दनाक हादसे की सूचना पाकर पुलिस, प्रशासन, नगर निगम और विद्युत विभाग के आला अफसरों के अलावा एसएचओ सिहानी गेट मिथलेश उपाध्याय सहित कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। आज सुबह हुए दर्दनाक हादसे के बाद मौके पर पहुंचे एसपी सिटी प्रथम निपुण अग्रवाल ने बताया कि अभी तक तीन बच्चियों, एक युवक और महिला की मौत की सूचना है। श्री अग्रवाल से जब यह पूछा गया कि क्या पांच लोगों के अलावा एक और महिला की मौत करंट लगने से हुई है तो उनका कहना था कि अभी तक केवल पांच मौतें होने की ही पुष्टïी हुई है। श्री अग्रवाल ने कहा कि इस पूरे मामले की त्वरित एवं निष्पक्ष जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान जो भी दोषी पाया जायेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।
जानकारी के अनुसार आज सुबह हुई भारी बरसात के दौरान राकेश मार्ग पर स्थित मौहल्ले में एक परचून की दुकान पर लगे टीन शेड के पोल में करंट उतर आया। उसी समय इस मौहल्ले में किराये पर रहने वाले ऐसे पांच मजदूरों के परिवार के पांच सदस्य करंट लगने से मौत के मुंह में चले गये जो मेहनत मजदूरी करने पूर्वांचल, बिहार व उड़ीसा सहित कई प्रदेशों से यहां आकर रह रहे थे। पोल में उतरे करंट की चपेट में आकर जिन बच्चियों की मौत हुई है, उनमें ६ वर्षीय सिमरन पुत्री विनोद, ७ वर्षीय सुरभि पुत्री राजकुमार व ६-७ वर्षीय खुशी पुत्री अखिलेश राय शामिल हैं। इसके अलावा जानकी नामक महिला और २३ वर्षीय लक्ष्मीकांत की करंट की चपेट में आकर मौत हो गई। बता दें कि पुलिस जहां पांच लोगों की मौत होने की बात कह रही थी वहीं क्षेत्र में चल रही चर्चा में यह बात भी बाहर निकलकर आ रही थी कि करंट की चपेट में आकर छह जनों की मौत हुई है। लेकिन पुलिस के अधिकारी इस बात की पुष्टïी नहीं कर रहे थे। ये सभी बाहर के राज्यों के रहने वाले थे।
मृतकों के परिजनों को मुआवजे की मांग
दर्दनाक हादसे में हुई पांच लोगों की मौत की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे पूर्व विधायक सुरेश बंसल समेत कई दलों के नेताओं व स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि जिन परिवारों के बच्चे व बड़े प्रशासनिक लापरवाही की वजह से मौत के मुंह में चले गए, उनके आश्रितों अथवा माता-पिता को प्रशासन उचित मुआवजा दिलवाये। नेताओं की बात सुनने के बाद पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि वैधानिक कार्रवाई के आधार पर कार्रवाई करने के साथ-साथ मुआवजा दिलवाने की कोशिश भी की जायेगी। समाचार लिखे जाने तक पुलिस प्रशासन के अधिकारी राहत कार्य व मृतकों के परिजनों को सांत्वना देने में लगे हुए थे।
मृतकों के परिजनों ने संैकड़ों लोगों के साथ लगाया जाम
करंट की चपेट में आकर मरे युवक, महिला और तीन बच्चियों की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर अस्पताल के सामने और राकेश मार्ग पर जाम लगा दिया। उनकी मांग थी कि पुलिस व प्रशासन सबसे पहले तो विद्युत विभाग के लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे जिनकी लापरवाही की वजह से कई परिवारों ने अपनों को खो दिया और दूसरे मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा दिलवाया जाये। बाद में अधिकारियों के आश्वासन के बाद लोगों ने जाम खोल दिया।
बच्चियों की जान बचाने के लिये कई ने लगा दी जान की बाजी
जिस समय तीन बच्चियां और महिला समेत पांच लोग करंट की चपेट में आये उस समय वहां रहने वाले कई लोगों ने उन्हें बचाने के लिये अपनी जान की बाजी लगा दी। सूत्रों की मानें तो करंट की चपेट में आई बच्चियों को बचाने के चक्कर में एक महिला समेत कई लोग गंभीर रूप से झुलस भी गये।
हादसे में पांच लोगों की मौत की सूचना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों के लिये जहां अपनी संवेदना व्यक्त की वहीं जिलाधिकारी व एसएसपी को हादसे के कारणों की त्वरित जांच कर मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजे देने के आदेश भी दिए। सीएम ने प्रशासन से इस दर्दनाक हादसे की जांच रिपोर्ट भी शीघ्र भेजने के आदेश दिए हैं।