युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के थानों में मानवाधिकारों का पालन कराने, पुलिस उत्पीडऩ रोकने और हिरासत में लिए व्यक्तियों को तत्काल कानूनी सहायता दिलाए जाने की मांग को लेकर गाजियाबाद के अधिवक्ताओं ने ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने डीएम के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। अधिवक्ताओं ने अपने ज्ञापन में कहा है कि जब भी किसी व्यक्ति को पुलिस हिरासत में लिया जाता है तो वह पुलिस अभिरक्षा में होता है और इसलिए वह राज्य के संरक्षण में होता है। ऐसे में राज्य का दायित्व है कि वह हिरासत में लिए गए व्यक्ति की गरिमा की रक्षा करे व मानवाधिकारों का संरक्षण करे। ऐसे में थानों में मानवधिकारियों के नियमों का पालन अनिवार्य रूप से कराया जाए। अधिवक्ताओं ने मांग की है कि थानों में हिरासत में लिए व्यक्तियों को कानूनी सहायता देने के लिए पैनल अधिवक्ताओं की प्रतिनियुक्ति राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से कराई जाए। सभी थानों, सिविल कोर्ट, जेल, प्रोबेशन होम पर डीएम के माध्यम से कानूनी अधिकारों की जानकारी के लिए बोर्ड, पैनल अधिवक्ता का नाम व मोबाइल नंबर अंकित किया जाए। सभी जिलों के विधिक सेवा प्राधिकरण को इसे सुनिश्चित करने की जानकारी दी जाए। थानों में पूछताछ और हिरासत में लिए गए लोगों के साथ अगर बदसलूकी होती है तो इसके लिए थाना प्रभारी को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की जाए। ज्ञापन देने वालों में मानवाधिकार कार्यकर्ता विष्णु गुप्ता, कपिल कुमार त्यागी, नितिन यादव, चंद्रशेखर त्यागी, गौतम त्यागी व आरिफ मोहम्मद आदि मौजूद रहे।