युग करवट ब्यूरो
लखनऊ। मोहर्रम को लेकर पुलिस महकमे ने पुख्ता प्रबंध किए हैं। प्रदेश भर के लिए 152 कंपनी पीएसी, 11 कंपनी केंद्रीय अर्धसैनिक बल और बड़ी संख्या में पुलिस बल उपलब्ध कराया गया है। लखनऊ कमिश्नरेट को विशेष रूप से 12 अपर पुलिस अधीक्षक, 34 पुलिस उपाधीक्षक, 40 निरीक्षक, 175 उप निरीक्षक, 10 महिला उप निरीक्षक, 600 मुख्य आरक्षी व आरक्षी और 150 प्रशिक्षु आरक्षी उपलब्ध कराए गए हैं। जुलूसों के दौरान सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से निगरानी भी की जाएगी। अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि सात, आठ, नौ व दस मोहर्रम की तारीख अहम होती है। इन तिथियों में विभिन्न स्थानों पर ताजिए रखे जाते हैं और ताजिया, अलम व ताबूत का जुलूस निकलता है। इस बार सावन और मोहर्रम साथ-साथ होने के कारण संवेदनशीलता के देखते हुए पुलिस महकमे की ओर से व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष 89,035 ताजियों की स्थापना की जाएगी और 34,293 जुलूस निकाले जाने प्रस्तावित हैं। सर्वाधिक गोरखपुर जोन में 36,755 ताजिये स्थापित किए जाएंगे। जुलूस व ताजिये दफन करने के दौरान कोई नई परंपरा शुरू न करने के निर्देश दिए गए हैं।
मोहर्रम की मजलिसों में बड़ी संख्या में महिलाएं आती हैं, इसलिए उसके लिए पुलिस कर्मियों को विशेष व्यवस्था की जाए। कुमार ने बताया कि सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आपत्तिजनक पोस्टर अथवा आपत्तिजनक नारों की चेकिंग के लिए प्रात: काल गश्त चेकिंग टीम निकाली जाए। स्थानीय प्रिंटिंग प्रेस संचालकों की गोष्ठी कर भडक़ाऊ, आपत्तिजनक, अवैधानिक तथ्य वाले पोस्टर, पम्पलेट न छापने की सख्त हिदायत दी गई है और ऐसे कार्य के लिए आने वाले व्यक्तियों की सूचना स्थानीय पुलिस को देने के लिए कहा गया है।
एटीएस के बम निरोधक दस्ते की होगी तैनाती
कुमार ने बताया कि जुलूस के मार्गों व कार्यक्रम स्थलों की सुरक्षा के लिए सघन जांच और तलाशी की व्यवस्था के लिए श्वान दल व एटीएस का बम निरोधक दस्ते की तैनाती की जाएगी। संदिग्ध वाहनों की चेकिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर विशेष नजर रहेगी और भ्रामक सूचना फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल खंडन किया जाएगा और ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।