गाजियाबाद (युग करवट)। भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर मेयर का चुनाव लडऩे का सपना अनेक नेता देख रहे हैं। इन नेताओं में गाजियाबाद के भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा का भी नाम शामिल है। लेकिन उनके इस अरमान पर पानी फिर जाने का डर है। भाजपा के लखनऊ से जुड़े सूत्रों में चर्चा है कि संगठन ने सैंधांतिक रूप से मन बना लिया है कि नगर निगम चुनाव में अध्यक्षों की भूमिका चुनाव प्रबंधन की होगी। मतलब उनको पार्टी प्रत्याशियों को चुनाव लड़ाना और जिताना होगा। भाजपा में अब तक एक परंपरा रही है कि हर चुनाव से पहले ही पूछ लिया जाता है कि संगठन के कौन से अध्यक्षों को चुनाव लडऩे में दिलचस्पी है। ऐसे अध्यक्षों से संगठन की कमान लेकर किस दूसरे को यह जिम्मेदारी दे दी जाती है। मगर इस बार अभी तक ऐसा नहीं हुआ है। अब इतना समय भी नहीं है कि किसी नए अध्यक्ष को नियुक्त कराकर उसे चुनाव की कमान दे दी जाए। गाजियाबाद के भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा का नाम भी मेयर के संभावित टिकटार्थी के रूप में लिया जा रहा था। यदि भाजपा की नीति यही रही कि कोई अध्यक्ष टिकट के लिए दावेदारी नहीं कर सकता तो संजीव शर्मा के अरमान पानी में बह जाएगें। हालंकि इस बारे में अभी कोई औपचारिक घोषणा पार्टी ने नहीं की है।