युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। राजनगर के सैक्टर-१३ की सर्विस रोड पर परसों की रात एक तेंदुआ बड़े आराम के साथ टहता हुआ दिखाई दिया। जिसके बाद उस क्षेत्र में रहने वाले लोग जहां पूरी तरह से भयग्रस्त दिखाई दिये वहीं इस क्षेत्र की सडक़ें दिन के समय भी पूरी तरह से सुनसान दिखाई दी। वहीं डीएफओ दीक्षा भंड़ारी की अगुवाई में बन विभाग की कई टीम राजनगर, इंग्राहम ˈइन्‌स्‍टिट्‌यूट्, एल्टसेंटर, कमला नेहरूनगर, रहीसपुर और सदरपुर के जंगलों की खाक छानती हुई दिखाई दी। डीएफओ दीक्षा भंडारी ने बताया कि तेंदुआ केवल उस समय दिखाई दिया कि जब वह सैक्टर-१३ राजनगर की सर्विस रोड पर घूमते हुए रिटायर्ड अधिकारी की कोठी में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में कैद हो गया। उसके बाद से शुरू हुई सर्च के दौरान न तो वह तेंदुआ दिखाई दिया और न ही उसकी उपस्थिति के कोई पदचिंह ही मिले। तेंदुआ कहां से आया और कहां गया अथवा छिपा होगा। जब इस बाबत वन्य अधिकारी से पूछा गया तो उनका कहना था कि यूं तो तेंदुए जैसे जंगली जानवर इधर नहीं देखे गये हैं, लेकिन बरसात के समय अथवा कई और अन्य कारणों के चलते कई बार तेंदुए जैसे हिंसक जानवर शहर गांव और बस्तियों का रुख कर लेते हैं। वन क्षेत्र अधिकारी अशोक कुमार गुता, वन दरोगा चमन सिंह रावत व अजय कुमार के अलावा वन बीट आरक्षी रियाज खान व सुनिल कुमार आदि पूरे मनोयोग के साथ तेंदुए को पकडऩे की कवायद में लगे हुए थे।