युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण के दौरान पिछले करीब तीन महीने से स्थगित चल रहे संपूर्ण समाधान दिवस को दोबारा प्रदेश सरकार के निर्देशों पर शुरू किया गया है। वर्तमान में गाजियाबाद सहित पूरे जिले में कोरोना संक्रमण के मामले बेहद कम रह गए हैं जिसके कारण कोविड नियमों के तहत समाधान दिवस का आयोजन किया जा रहा है। लंबे समय से बंद संपूर्ण समाधान दिवस का आज पहला दिन था, लेकिन देर शाम शासन से जारी निर्देशों के बाद शनिवार को संपूर्ण दिवस का आयोजन तीनों तहसीलों में किया गया। लेकिन जानकारी ना होने के बाद पहले दिन बेहद कम संख्या में ही फरियादी अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। मोदीनगर तहसील में साढ़े ग्यारह बजे तक अधिकारी ही नहीं पहुंचे, इस वजह से फरियादी परेशान दिखे। सदर तहसील में प्रभारी डीएम सीडीओ अस्मिता लाल ने संपूर्ण समाधान में लोगों की शिकायतें सुनीं। यहां भी दोपहर १२ बजे तक महज तीन शिकायतें ही दर्ज हुईं। दोनों ही शिकायतें राजस्व विभाग से थीं। एक शिकायत बैंक द्वारा फ्रॉड मामले की थी जिसमें शिकायतकर्ता के नाम पर लिंक रोड स्थित एक बैंक ने लोन स्वीकृत कर कब्जा करा दिया। अब मूल आवंटी अपने मकान का कब्जा छुड़ाने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। संपूर्ण समाधान दिवस में भी फरियादी अपनी शिकायत लेकर पहुंचे लेकिन उन्हें लिंक रोड थाना जाने को कहा गया। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह पिछले कई दिनों से अपनी शिकायत लेकर चक्कर ही लगा रहे हैं। बाकी की दो शिकायतें निस्तारण के लिए प्रभारी डीएम ने संबंधित विभाग को प्रेषित की हैं। प्रभारी डीएम ने बताया कि तीन महीने बाद शिविर का आयोजन किया जा रहा है। तहसील सदर में एडीएम प्रशासन ऋतु सुहास, एसडीएम सदर डीपी सिंह सहित अन्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। वहीं मोदीनगर तहसील में समय से अधिकारियों के ना पहुंचने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोनी तहसील में भी कई शिकायतें आईं।