युग करवट संवाददाता
लखनऊ। अगले साल उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग ने आज प्रेस कांफ्रेंस की। इस दौरान चुनाव आयोग ने कहा कि सभी राजनीतिक दल समय पर चुनाव के लिए तैयार हैं, हालांकि कुछ पार्टियां रैली के विरोध में है। चुनाव आयोग ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में कोरोना दिशानिर्देश का पूरा पालन किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी सुशील चंद्रा ने कहा कि हमने ओमिक्रोन को लेकर समीक्षा की है। उत्तर प्रदेश में ओमिक्रोन के ज्यादा मामले नहीं है। कोरोना को देखते हुए 1500 लोगों पर एक बूथ को घटाकर 1250 लोगों पर एक बूथ कर दिया गया है। इससे 11 हजार बूथ बढ़े हैं।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने कहा कि फाइनल मतदाता सूची 5 जनवरी को आएगी। अब तक 15 करोड़ से ज्यादा मतदाता पंजीकृत हैं। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख तक भी मतदाता सूची में अपने नाम को लेकर दावे-आपत्ति बता सकते हैं। चुनाव आयोग ने कहा कि इस बार चुनाव में बुजुर्गोंऔर दिव्यांगो के लिए घर से वोट देने की सुविधा दी गई है।
 आपराधिक पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों को मीडिया में अपनी जानकारी देनी होगी
मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा कि इस बार चुनाव में आपराधिक पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों को मीडिया में यह प्रसारित करना होगा कि उनके खिलाफ कौन-सी धाराएं लगी हैं, कौन-से मामले चल रहे हैं। राजनीतिक दलों को भी अखबारों में विज्ञापन देकर यह बताना होगा कि उन्होंने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को क्यों चुना है?
पारदर्शिता के साथ वोटिंग के लिए वेबकास्टिंग
चुनाव आयोग के मुताबिक, कम से कम एक लाख बूथ पर वेबकास्टिंग की जाएगी ताकि यह लोग देख सकें कि पूरी पारदर्शिता के साथ वोटिंग होगी।
मतदान का समय एक घंटे बढ़ाया जाएगा
मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मतदान का समय एक घंटा बढ़ाया जाएगा। दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर और रैंप की व्यवस्था होगी।
कम से कम 800 पोलिंग स्टेशन ऐसे बनाए जाएंगे जहां सिर्फ महिला पोलिंग अधिकारी होंगे। मतदाता एपिक कार्ड के अलावा 11 अन्य दस्तावेज दिखाकर वोटर वोट डाल सकता है। इसमें पैन कार्ड, आधार कार्ड, मनरेगा कार्ड जैसे दस्तावेज शामिल हैं।
प्रशासन के पक्षपाती रवैये की शिकायत
चुनाव आयोग ने कहा कि कुछ प्रतिनिधियों ने प्रशासन के पक्षपाती रवैये के बारे में शिकायत की है। उनका कहना है कि पुलिस ने उनकी रैलियों पर अनुचित प्रतिबंध लगाया। अधिकतर राजनीतिक दलों ने प्रचार के दौरान धनबल, शराब और मतदाताओं को मुफ्त चीजें दिए जाने पर चिंता जताई है।
आयोग ने कहा कि इस बार उत्तर प्रदेश में 52.8 लाख नए मतदाता जुड़े हैं। इनमें 23.9 लाख पुरुष और 28.8 लाख महिला मतदाता हैं। इनमें 19.89 लाख युवा मतदाता हैं यानी इनकी उम्र 18-19 साल हैं। चुनाव आयोग ने कहा कि  2017 में लिंगानुपात 839 था यानी एक हजार पुरुषों पर 839 महिला वोटर थीं। इस बार यह बढक़र 868 हो गया है। उत्तर प्रदेश में इस वक्त 10 लाख 64 हजार 267 दिव्यांग मतदाता हैं।
पार्टियां घनी आबादी वाले इलाके में बूथ के खिलाफ
चुनाव आयोग ने कहा कि लगभग पार्टियां घनी आबादी वाले इलाके में बूथ नहीं चाहते हैं, ताकि कोरोना दिशानिर्देश का उल्लंघन न हो।
चुनाव आयोग की टीम पिछले तीन दिनों से लखनऊ के दौरे पर है। पहले दिन राजनीतिक दलों से चर्चा के बाद सभी एसपी, डीआईजी, कमिश्ननर से मिलकर हालात का जायजा लिया।
इसके बाद सभी नोडल अधिकारियों से चर्चा की। सबसे अंत में मुख्य सचिव, डीजीपी और अन्य अधिकारियों से बातचीत की। सभी दलों ने कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए निश्चित समय पर चुनाव कराने की मांग की।
दिव्यांग और बुजुर्ग घर से डाल सकेंगे वोट
आयोग ने बताया कि सीनियर सिटीजन और दिव्यांगों को लिए घर से वोट देने की सुविधा रखी गई है। यदि वो चाहे तो घर से वोट दे सकते हैं।