लखनऊ (युग करवट)। ताजमहल के दरवाजे खुलवाने की मांग पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि पीआईएल व्यवस्था का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए। जस्टिस डीके उपाध्याय ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाते हुए कहा कि जाकर रिसर्च करो ताज महल किसने बनवाया। यूनिवर्सिटी जाओ, रिसर्च करो और तब कोर्ट आना। जस्टिस उपाध्याय ने कहा कि मामले की सुनवाई अब दो बजे होगी। इससे पहले उन्होंने याचिकाकर्ता से कहा कि रिसर्च से कोई रोके तब हमारे पास आना। जस्टिस डीके उपाध्याय ने याचिकाकर्ता से पूछा क्या इतिहास आपके मुताबिक पढ़ा जाएगा। ताजमहल को कब बना, किसने बनवाया, जाओ पढ़ो पहले। भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह की याचिका पर कोर्ट ने कहा कि कल आप कहेंगे जज रूम में जाना चाहते हैं, तो क्या आपके कहने पर कोर्ट रूम खोल देंगे? कोर्ट ने कहा कि जब तक किसी के अधिकार का हनन नहीं होगा, तब तक फैक्ट फाइंडिंग टीम क्यों बनाई जाए? कोर्ट ने याचिकाकर्ता को कहा कि पहले जाकर ताजमहल पर रिसर्च करो और फिर आओ। कोर्ट ने कहा कि रिसर्च करने में कोई रोके, तो मुझे बताना।