युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। तहसील में व्यापत भ्रष्टाचार के विरोध में आज अधिवक्ता और बैनामा लेखक धरने पर बैठ गए। आरोप है कि तहसीलदार और तहसील प्रशासन आकंठ तक भ्रष्टाचार में डूबा है।
अधिवक्ताओं एवं बैनामा लेखकों का आरोप है कि तहसील में कोई भी कार्य बिना रिश्वत लिए एवं समय पर नहीं किया जा रहा है। तहसील न्यायालय की बहुत सारी पत्रावलियां गायब हैं जिनके बारे में कुछ पता नहीं चल पा रहा है। तहसील बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राजकुमार शर्मा का कहना है कि इस कारण से तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त है।
अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर न्याय और भ्रष्टाचार से राहत दिलाने की मांग की है। अधिवक्ताओं का कहना था कि यदि जल्द ही तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक नहीं लगाई गई तो वे बड़ा आंदोलन करने पर विवश होंगे। इस दौरान तहसील बार एसोसिएशन के सह सचिव सावन कुमार तेवतिया, उपाध्यक्ष बलराज सिंह कसाना, कोषाध्यक्ष दीपक वाष्र्णेय, बैनामा लेखक रामानंद गोयल, पूर्व अध्यक्ष लोमेश कुमार भाटी, योगेश कुमार त्यागी, रमेश यादव एडवोकेट, विकास त्यागी, कुणाल त्यागी समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता एवं बैनामा लेखक मौजूद रहे।