युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। 19 अप्रैल को तहसीलदार सदर विजय प्रकाश मिश्रा के पेशकार मिंटू उज्जवल और अधिवक्ता प्रशांत कुमार के बीच विवाद के बाद तहसील के अधिवक्ता बिफर गए थे। प्रकरण ने तूल पकड़ा अधिवक्ता सदर तहसीलदार के कक्ष में ताला जडक़र हड़ताल पर चले गए थे। दोनों ही ओर से विवाद को लेकर तहरीर पुलिस में दी गई थी। आरोप है कि पुलिस ने तहसीलदार के पेशकार की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर ली थी। आज अधिवक्ताओं ने एक तरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए तहसील में जोरदार प्रदर्शन किया। मामले का बीच बचाव कराने आए एसडीएम और सीओ ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। पुलिस द्वारा अधिवक्ताओं पर दर्ज एफआईआर पर फाइनल रिपोर्ट लगाने और पेशाकार के माफी मांगने की शर्त पर दोनों पक्षों में सुलहनामा हो गया। समाचार लिखे जाने तक अधिवक्ता काम पर लौट गए थे।
तहसील के वरिष्ट बैनामा लेखक रामानंद गोयल ने बताया कि 19 तारीख को सदर तहसीलदार के पेशाकार मिंटू उज्जवल द्वारा तहसील कंपाउंड में अधिवक्ता प्रशांत कुमार के साथ अभद्रता की गई थी। आरोप है कि इस दौरान मिंटू उज्जवल ने प्रशांत कुमार को जातिसूचक शब्द कहते हुए उनके साथ मारपीट की थी। प्रकरण के बाद तहसील बार एसोसिएशन की आपात बैठक अध्यक्ष रमेश चंद यादव और सचिव केपी सिंह की अध्यक्षता में बुलाई गई। अधिवक्ताओं ने बताया कि इस प्रकरण में बुधवार को दोनों पक्षों की ओर से पुलिस में तहरीर दी गई थी। आरोप है कि वकीलों की तहरीर पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और पेशकार की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर दी गई। प्रकरण के बाद से अधिवक्ता तहसीलदार कक्ष में ताला जडक़र हड़ताल पर बैठ गए थे। आज सुबह से ही अधिवक्ताओं ने तहसील में हड़ताल घोषित की हुई थी। अधिवक्ताओं ने सुबह तहसील परिसर में नारेबाजी करते हुए मांग की कि इस प्रकरण में पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए उनकी भी एफआईआर दर्ज करें। तहसील के कर्मचारियों और अधिवक्ताओं के बीच गरमा गरमी के बीच पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।
वरिष्ठ अधिवक्ता रामानंद गोयल ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिवक्ताओं और तहसील कर्मचारियों के बीच समझौता कराने के प्रयास पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से किए जा रहे थे। एसडीएम और सीओ भी इस दौरान तहसील परिसर में पहुंचे। इसी दौरान प्रस्ताव रखा गया कि अधिवक्ताओं पर दर्ज एफआईआर पर फाइनल रिपोर्ट लगा दी जाएगी। साथ ही पेशकार मिंटू उज्जवल अधिवक्ता से माफी भी मांगेगे। उन्होंने बताया कि इन दोनों शर्तों पर अधिवक्ताओं और तहसील कर्मचारियों के बीच समझौता हो गया है। अधिवक्ता हड़ताल और धरना प्रदर्शन समाप्त कर अपने काम पर लौट गए हैं। इस दौरान अधिवक्ता ओमदत्त त्यागी, शंकर सिंह, सुलभ त्यागी, सतीश बंसल, जय अग्रवाल, आदेशकुमार, विजय कसाना, जाहुल हसन, गोपाल कोरी, प्रेमलता आदि अधिवक्तागण भी मौजूद रहे।