विनय जोशी
नोएडा (युग करवट)। उत्तर प्रदेश के विधानसभा व विधान परिषद चुनावों में ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने अब अगले प्रदेश अध्यक्ष को लेकर लगातार मंथन का दौर शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेश में अगले प्रदेश अध्यक्ष को लेकर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व में लगातार बैठकों का दौर चल रहा है। गौतमबुद्धनगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा द्वारा भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से लगातार मुलाकातों के बाद कई नेताओं की टेंशन भी बढ गई है। राजनीतिक गलियारों में अब इस बात की चर्चा भी शुरू हो गयी है कि गौतमबुद्धनगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा भी प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में शामिल हो गए हैं। इसके पीछे का मुख्य कारण यह माना जा रहा है कि इस बार भाजपा का शीर्ष नेतृत्व किसी ब्राह्मण नेता को उत्तर प्रदेश की कमान सौप सकता है। भाजपा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, 11 अप्रैल को सेक्टर-12 स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, 12 अप्रैल को गौतमबुद्धनगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा ने उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी, लोकसभा स्पीकर और पार्टी की वरिष्ठ नेता सुमित्रा माहजन और बुधवार की शाम बस्ती के सांसद हरीश द्विवेदी से कैलाश अस्पताल में मुलाकात हुई थी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में डॉ. महेश शर्मा ब्राह्मण चेहरों में एक बड़ा चेहरा माना जाता है। पूर्वांचल में हरीश द्विवेदी पार्टी के काफी पुराने कार्यकर्ता और ब्राह्मण नेता माने जाते हैं। हरीश द्विवेदी का नाम भी प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में शामिल है।