युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। वरिष्ठ समाजसेवी व यशोदा सुपर स्पेश्यालिटी अस्पताल कौशांबी के एमडी डॉ. पीएन अरोड़ा ने १५ से १८ वर्ष के बच्चों को कोरोना टीका लगाने के केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय जब देश के सामने ओमिक्रॉन का खतरा मंडरा रहा है, प्रधानमंत्री मोदी का यह फैसला राहत देने वाला है। बच्चों को कोरोना टीका लगाये जाने से उन्हें कोविड-१९ के खतरों से बचाया जा सकता है। प्रधानमंत्री के इस फैसले के साथ ही भारत विश्व के उन चंद अग्रणी देशों में शामिल हो गया है जहां बच्चों को भी कोरोना की वैक्सीन दी जा रही है। हैल्थ केयर वर्कर्स और सीनियर सिटीजन्स को बूस्टर डोज देने की तैयारी चल रही है। इससे कोरोना के खिलाफ चल रही जंग में देश की स्थिति और मजबूत होगी। डॉ. अरोड़ा ने कहा कि २०२२ के नये वर्ष की शुरुआत इससे अच्छी खबर से नहीं हो सकती है। स्वाथ्यकर्मी चौबीसों घंटे कोविड-१९ से संक्रमित मरीजों का इलाज करने में लगे रहते हैं। ऐसे में उन्हें कोरोना रहनेका खतरा सबसे ज्यादा है। बूस्टर डोज के जरिये ही कोरोना के खतरे को टाला जा सकता है। डॉ. पीएन अरोड़ा ने कहा कि चिकित्सा जगत के लोग फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए बूस्टर डोज की मांग करते आ रहे हैं। इस दिशा में सरकार का निर्णय प्रशंसनीय है।