युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। मिशन शक्ति अभियान के तीसरे चरण में जिला मुख्यालय में आज डीएम आरके सिंह ने महिलाओं के साथ ही उनके हक की बात सुनी। इस कार्यक्रम में महिलाएं ऑनलाइन जूम ऐप के जरिए जुड़ीं तो वहीं सभागार में पहुंचकर भी महिलाओं ने अपनी समस्याएं रखीं।
इस दौरान अधिकतर महिलाओं ने कार्यस्थल पर सुरक्षा और उचित सम्मान मिलने और भेदभाव की बात रखी। तो वहीं माता-पिता पर बढ़ते शादियों के बोझ को कम करने का सुझाव भी महिलाओं ने दिया। डीएम ने सभी महिलाओं की बात ध्यान से सुनीं और उनके सुझावों को स्वीकार करते हुए कार्रवाई का आश्वासन भी दिया।
जूम से जुड़ी लोनी की महिला प्रीति ने डीएम से सवाल किया कि महिला अपने साथ होने वाली उत्पीडऩ की शिकायतें किस तरह से करें जिससे उनकी पहचान छिपी रही और उनकी शिकायत पर अमल हो सके।
डीएम ने जवाब दिया-महिलाओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए घर से बाहर आने की जरूरत नहीं है। इसके लिए वह आईजीआरएस पोर्टल, वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्प डेस्क पर रिपोर्ट कर सकती हैं। महिलाओं की पहचान सिर्फ इसी पोर्टल पर रहेगी और उन्हें पूरा न्याय मिलेगा।
शिक्षा विभाग से जुड़ी विनिता त्यागी ने डीएम से सवाल किया कि चुनावी ड्यूटी केे दौरान महिला कर्मियों को भी रात में पोलिंग बूथ पर रूकने का दबाव बनाया जाता है जिसकी वजह से हमेशा उनकी सुरक्षा को लेकर उनमें भय बना रहता है।
डीएम ने जवाब दिया कि इस संबंध में कोई लिखित में चुनाव आयोग के दिशा निर्देश नहीं हैं। लेकिन भविष्य में होने वाले चुनावों के दौरान वह आयोग के समक्ष इस मुद्दे को रखेंगे ताकि महिलाओं को सुरक्षित माहौल मिल सके। इसके अलावा चुनाव के दौरान महिला हेल्प डेस्क बनाई जाएगी ताकि महिलाएं अपनी समस्याएं वहां रख सकें और उन्हें न्याय मिल सके।
मुरादनगर से लक्ष्मी ने सवाल उठाया कि शादी ब्याह में काफी पैसा खर्च होता है जिसका बोझ माता-पिता पर अधिक पड़ता है। क्या इसे कम करने के लिए कोई कानून है।
डीएम ने जवाब दिया कि समाज से जुड़े कुछ रीति-रिवाजों के लिए कानून नहीं बने हुए हैं। हर बात के लिए अगर कानून बनाया जाएगा तो यह संदेश जाएगा कि समाज जागरूक नहीं है। डीएम ने कहा कि अब लोगों में जागरूकता धीरे-धीरे आ रही है। लोग शादी जैसे संस्कार पर कम पैसा खर्च कर रहे हैं।
ऐसे खर्च कानून बनाने से नहीं बल्कि समाज में जागरूकता से आएंगे। इसके लिए लोगों को जागरूक करने का प्रयास हर स्तर पर किया जाएगा।
श्रीमति पांडेय ने अपना सवाल रखा कि दिल्ली की तर्ज पर यूपी में भी शैक्षिक भ्रमण क्यों नहीं होते।
इस पर डीएम ने जवाब दिया कि कोरोना संकट के कारण शैक्षिक भ्रमण बंद हैं। लेकिन यूपी में भी इस तरह के भ्रमण कराए जाते हैं जिससे छात्रों को काफी कुछ सीखने को मिलता है। हालांकि, इस तरह के भ्रमण प्राइवेट स्तर पर कराए जाते हैं लेकिन शासकीय स्तर पर भी इस तरह के भ्रमण कराने की कवायद की जाएगी।
कंप्यूटर इंजीनियर शिवी मुद्गल ने सोशल मीडिया पर महिलाओं की आईडी हैक कर, उन्हें वायरल करने के संबंध में जानकारी मांगी।
डीएम ने बताया कि सोशल मीडिया पर होने वाले अपराधों के लिए साइबर सेल गठित हैं। महिलाएं इसकी पूरी जानकारी सेल को दें और इस तरह के अपराधों से बचने के लिए अपने पासवर्ड नियमित समय पर बदलते रहें।
अंशु सिंह ने सवाल उठाया कि महिला सुरक्षा को लेकर बातें बहुत कहीं जाती हैं लेकिन आज भी महिलाएं अपने को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रही हैं। उन्हें सुरक्षित माहौल नहीं मिल पा रहा है।
डीएम आरके सिंह ने इस सवाल पर जवाब दिया कि महिला अपराधों की रोकथाम के लिए सख्त कानून बने हुए हैं। लेकिन इसके अलावा समाज का शिक्षित होना और नैतिकता होना बेहद जरूरी है। घर बच्चों की प्राइमरी पाठशाला होती है जहां उन्हें नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाया जाता है। अगर बच्चे को बचपन से ही इसकी शिक्षा दी जाए तो अपराध कम होंगे।
मोदीनगर की अनुराधा ने डीएम से सवाल किया कि महिलाएं घर के अलावा बाहर भी काम करती हैं लेकिन फिर भी उन्हें वो सम्मान नहीं मिलता जिसकी वह हकदार हैं।
डीएम ने जवाब दिया कि अब ऐसा नहीं है। पहले के मुकाबले समाज में बदलाव आ रहा है। बेटों से कहीं अधिक बेटियां अच्छे से शिक्षित हो रही हंै। महिलाओं को सम्मान देने की भावना अब बढ़ रही है।
ऑनलाइन के अलावा सभागार में मौजूद मुस्कान ने डीएम से परिवार में पिता के ना होने पर अपनी पढ़ाई और पालन पोषण को लेकर चिंता व्यक्त की।
जिस पर डीएम ने मुस्कान की स्कूल फीस माफ, मां के नाम पेंशन, बाल सेवा योजना का लाभ तत्काल प्रभाव से दिलाए जाने का आश्वासन दिया। मुरादनगर से आई गीता त्यागी ने अपने जेठ के परिवार पर उनके मकान को हड़पने की शिकायत डीएम से की। डीएम ने मामले को एसडीएम मोदीनगर के समक्ष निस्तारित कराने का आश्वासन महिला को दिया। एनजीओ के लिए काम करने वाली ममता सिंह ने नाबालिग बच्ची के साथ शादी का मामला रखा और कहा कि स्थानीय पुलिस उनका सहयोग नहीं कर रही है। जिस पर डीएम ने इस मामले को महिला कल्याण विभाग को सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया है। इसके अलावा ममता त्यागी ने डीएम से शिकायत की है कि दस साल की शादी होने के बाद उसे ससुराल वाले दहेज के लिए प्रताडि़त कर रहे हैं। मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया गया है। इस पर डीएम ने इस मामले को तत्काल वन स्टाफ सेंटर को सौंपते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कराए जाने का आश्वासन दिया।
डीएम ने कहा कि हक की बात मिशन शक्ति अभियान का तीसरा चरण है। लेकिन इसका उद्ेश्य है महिलाएं आगे आएं और अपनी शिकायतें दर्ज कराएं ताकि हर संभव उनकी मदद की जा सके। कई बार महिलाएं पीडि़त होने के बाद भी अपनी शिकायत दर्ज नहीं करा पाती हैं क्योंकि उनमें जानकारी का अभाव रहता है। इस अभियान का मिशन महिलाओं को उनके अधिकारों के साथ-साथ यह जानकारी देना है कि वह अपनी शिकायत किस तरह से हम तक पहुंचाएं जिससे उन्हें न्याय मिल सके। डीएम ने कहा कि आज महिलाओं ने हक की बात में कुछ सुझाव और शिकायत रखी हैं जिन पर कार्रवाई की जाएगी ताकि उन्हें भरोसा हो सके कि उन्हें न्याय मिलेगा।
सीडीओ अस्मिता लाल ने कहा कि मिशन शक्ति अभियान हक की बात के जरिए महिलाएं अपने साथ हो रही घटनाओं की जानकारी दे सकती हैं जिन्हें हरसंभव मदद दी जाएगी। महिलाएं निडर होकर अपनी बात रखें, उन्हें मदद जरूरी मिलेगी। कार्यक्रम का संचालन पूनम शर्मा ने किया। इस दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश दुबे, महिला कल्याण अधिकारी नेहा, परिवीक्षा अधिकारी लोकेंद्र सिंह, अफ्शां व प्रतिभा दुबे आदि मौजूद रहीं।