नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। सरकारी स्तर पर विभिन्न योजनाएं आमजन के लाभ पहुंचाने के लिए लाई जाती हैं, लेकिन कई बार उन योजनाओं का लाभ आमजन तक नहीं पहुंच पाता और योजनाएं ठंडे बस्ते में चली जाती हैं। गाजियाबाद के डीएम आरके सिंह की कार्यशैली इस मामले में अलग है। वह सिर्फ जनता की समस्याएं हर दिन न सिर्फ खुद सुनते हैं, बल्कि उनके निस्तारण को लेकर भी मॉनीटिरिंग करते हैं। यही स्थिति सरकारी योजनाओं को लागू कराने में भी रहती है। योजनाओं का लाभ पात्र को मिल रहा है या नहीं इसकी मॉनीटिरिंग निरंतर डीएम आरके सिंह द्वारा की जाती है। उनके इसी प्रयास का नतीजा है कि जिले में दिव्यांगों के लिए शासन स्तर से चलाई गई योजनाओं का लाभ न सिर्फ उन तक पहुंच रहा है, बल्कि योजनाओं के तहत दिव्यांगों का पुर्नवास भी बेहतर तरीके से हो रहा है। डीएम के इन्हीं प्रयास के चलते गाजियाबाद को पूरे प्रदेश में दिव्यांगजन को पुनर्वास सेवाएं प्रदान करने वाले सर्वश्रेष्ठ जिले का सम्मान मिला है। शासन स्तर पर गठित समिति द्वारा जिले को राज्य स्तरीय पुरस्कार २०२२ के लिए जनपद को इस श्रेणी में चुना गया है। यह पुरस्कार तीन दिसंबर को विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर लखनऊ के डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्टï्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया जाएगा। हालांकि, यह पहला अवसर नही हैं जब डीएम आरके सिंह के कार्यकाल में जिले को इस तरह का सम्मान मिला हो।