युग करवट संवाददाता
मसूरी। पुलिस प्रशासन में आज उस समय हड़कंप मच गया जब अधिकारियों को सूचना मिली कि सुबह साढ़े तीन बजे के आस-पास चाक-चौबंद सुरक्षा कवच से घिरे डासना देवी मंदिर के प्रंागण में खुले में सो रहे संन्यासी नरेश आनंद उर्फ बाबा नरेशानन्द निवासी समस्तीपुर बिहार के ऊपर किसी ने कातिलाना हमला करके उनकी हत्या करने की कोशिश की है। सन्यासी की हालत नाजुक बताई गई है।
उक्त सनसनीखेज वारदात की जानकारी देते हुए अनिल यादव ने बताया कि समस्तीपुर बिहार निवासी बाबा नरेशानन्द महंत जी के शिष्य हैं। वह कुछ दिन पूर्व महंत नरसिंहानन्द सरस्वती से मिलने आये थे। बीती रात वह मंदिर परिसर के खुले स्थान पर सो रहे थे। आज सुबह लगभग साढ़े तीन बजे के आसपास परिसर बाबा की चीखों से जाग हो गई।
बाबा की चीख सुनकर जब मंदिर के अन्य सेवादार व पुलिसकर्मी उनके पास पहुंचे, तब तक उनके ऊपर कातिलाना हमला करने वाला हमलावर भाग चुका था। श्री यादव ने बताया कि हमलावर ने पेपर कटर से प्रहार करके बाबा का गला काट दिया और शरीर पर कई और जानलेवा वार कर उन्हें मौत के मुंहाने पर पहुंचा दिया। श्री यादव ने बताया कि उक्त वारदात की सूचना पुलिस को देकर बाबा को यशोदा अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां उनकी हालत मरणासन्न बनी हुई थी।
महंत नरसिंहानन्द सरस्वती की
हत्या करने आया था जेहादी
अनिल यादव ने बताया कि जेहादी महंत नरसिंहानन्द सरस्वती महाराज की हत्या के इरादे से आया था।
अनिल यादव से जब यह पूछा गया कि मंदिर पुलिस प्रशासन द्वारा मंदिर की अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था की गई है और महंत की सुरक्षा में भी चार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है तो इस सवाल के जवाब पर अनिल यादव ने कहा कि उनके अनुसार पुलिस की सुरक्षा अभी भी नाकाफी है।
वहीं इस संबंध में बीती रात डासना देवी मंदिर परिसर में सो रहे साधु के ऊपर हुए कातिलाना हमले के संदर्भ में एसपी देहात डॉक्टर इरज राजा ने बताया कि पुलिस तहरीर के आधर पर रिपोर्ट दर्ज कर हमलावर को आईडेंटीफाई करने में जुट गई है। साथ ही कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगालने का प्रयास किया गया लेकिन मंदिर परिसर में लगे कई कैमरे खराब मिले। उधर, डीआईजी अमित पाठक ने कहा कि उक्त वारदात में अगर पुलिस की सुरक्षा में चूक मिली तो दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जायेगी।