युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। प्राइवेट कंपनी ने जो हाउस टैक्स के बिल तैयार किए है उनमें एक और बड़ी खामी मिली। कंपनी ने कई हजार मकानों को कारपेट एरिया के हिसाब से टैक्स के बिल तैयार कर उनके होश उड़ा दिए है। ऐसे बड़ी संख्या में लोग है जो निगम में इसको लेकर थोक में आपत्तियां दर्ज करा रहे है। निगम के अधिकारियों के पास इस बात का जवाब नहीं है कि जब गाजियाबाद में एकल यूनिट के प्लॉट पर हमेशा ही निगम कवर्ड एरिया के हिसाब से हाउस टैक्स लगाता है तो इस बार कारपेट एरिया के हिसाब से हाउस टैक्स क्यों लगाया जा रहा है। इसको लेकर अब विरोध भी होना शुरू हो गया है। भाजपा के ही कई पार्षद अब इन नोटिसों को गलत बता रहे है। पार्षद हिमांशु मित्तल का कहना है कि प्राइवेट कंपनी हाउस टैक्स के गलत नोटिस तैयार कर हवा में नगर निगम के हाउस टैक्स की डिमांड बढ़ाने का कार्य कर रही है। पार्षद राजेन्द्र त्यागी का कहना है कि प्राइवेट कंपनी ने काफी बड़ी संख्या में मकानों पर कारपोट एरिया के हिसाब से हाउस टैक्स के नोटिस वितरित किए है। उनका कहना है कि यह नोटिस पूरी तरह से अवैधानिक है। नगर निगम ने पहले एकल युनिट के प्लॉट पर बने मकानों पर टैक्स लगाने के लिए पहले से ही कवर्ड एरिया पैटर्न की पॉलिसी बनाई हुई है। फिर निगम कैसे कारपेट एरिया के हिसाब से हाउस टैक्स लगाने के नोटिस जारी कर सकता है। इन पार्षदों का कहना है कि वह इस मामले को नगर निगम बोर्ड की बैठक में उठाएंगे। उनका कहना है कि एकल युनिट के प्लॉट पर बने मकानों पर हाउस टैक्स कारपेट एरिया के हिसाब से नहीं लगने दिया जाएगा।