युग करवट संवाददाता
लखनऊ। कोरोना के मामलों में भारी गिरावट के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज टीम-9 के सदस्यों के साथ बैठक की। लॉकडाउन के खत्म होने की समय सीमा नजदीक आने के कारण इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर चर्चा की गई। यूपी देश का पहला राज्य बन गया है जहां पांच करोड़ लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों से आई वैक्सीन लगाने की रिपोर्ट पर चर्चा की। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को वैक्सीन लगाने के लक्ष्य को पूरा करने और वैक्सीनेशन सेंटर्स पर सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
प्रदेश सरकार ने जून महीने में एक करोड़ और जुलाई में दो करोड़ वैक्सीन लगाने का फैसला लिया है। बैठक में मुख्यमंत्री ने वैक्सीन अभियान को सफल बनाने के लिए टीम-9 के सभी सदस्यों को प्रदेश के सभी डीएम के साथ संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए। आज की बैठक में कंटेनमेंट जोन को लेकर भी चर्चा हुई। सूत्रों का कहना है कि अब कोविड-19 के मामले आने के बाद सिर्फ उस मकान को ही कंटेनमेंट जोन घोषित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने लखनऊ में कोरोना को कंट्रोल करने के लिए कंटेनमेंट जोन पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए। बैठक में लॉकडाउन को लेकर भी चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, बैठक में सभी सदस्यों ने अनलॉकडाउन के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने और मास्क नहीं पहनने वालों पर सख्ती करने का सुझाव दिया है। उत्तर प्रदेश में कोरोना रिकवरी रेट लगातार बढऩे लगा है। गुरुवार को प्रदेश में 1268 नए लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए। 24 घंटों में घातक महामारी से 108 लोगों की मौत हो गई। राजधानी लखनऊ में संक्रमितों की संख्या 75 दर्ज की गई है, जो पिछले दिन के मुकाबले 21 केस ज्यादा है। यहीं कारण है कि आज की बैठक में लखनऊ पर विशेष ध्यान दिया गया। लखनऊ में टेस्ट की संख्या बढ़ाने पर भी चर्चा की गई। पुराने शहर में टेस्टिंग कर पीडि़तों को आइसोलेशन सेंटर भेजने पर भी चर्चा की गई।
उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में अब ट्रिपल डिजिट के मामले आना पूरी तरह से बंद हो गए हैं। इसके चलते अब प्रदेश के 47 जिलों से डबल डिजिट तो वहीं, 27 जिलों से सिंगल डिजिट केस ही सामने आ रहे हैं। 4 जिले संक्रमितों के मामले में सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं। जहां 50 से ऊपर केस रोजाना दर्ज किए जा रहे हैं। इसी के साथ 600 से अधिक ऐक्टिव केस वाले जिलों में अब लखनऊ, वाराणसी, मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, गोरखपुर और गाजियाबाद रहे गए हैं। बैठक में उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, वित्तमंत्री सुरेश खन्ना भी उपस्थित थे।