वरिष्ठ संवाददाता
गाजियाबाद(युग करवट)। उत्तर प्रदेश के प्रमुख विपक्षी दल समजावादी पार्टी में आजकल सदस्यता अभियान चल रहा है। सरसरी निगाह डाली जाए तो साफ होता है कि सदस्यता अभियान के नाम पर सपा नेता सिर्फ दिखावा कर रहे हैं। अभियान के नाम पर नेताओं द्वारा किए रहे सभी वादे झूठे हैं। अभियान को सुचारू रूप से चलाए जाने के लिए गत दिनों प्रभारी ने बैठक भी ली थी।
समाजवादी पार्टी द्वारा प्रभारी बनाए गए पूर्व एमएलसी महेश आर्य एवं पूर्व विधायक संयज गर्ग कितने गंभीर हैं इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दोनों नेताओं में से किसी ने भी पार्टी कार्यकर्ताओं को अभी तक फोन कर यह जानकारी भी नहीं है कि कौन सदस्यता में कितना योगदान करेगा। किस नेता या कार्यकर्ता को सदस्यता के लिए कितनी रसीद बुक चाहिए।
समाजवादी पार्टी में सदस्यता अभियान चलाने के लिए खुद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी नेताओं को दिशा दिर्नेश जारी किए हैं। पार्टी ने समूचे सूबे के जनपदों में सदस्यता अभियान सुचारू रूप से चलाने के लिए जिम्मेदारी भी सौंपी है। सदस्यता अभियान के तहत पार्टी के कार्यकर्ताओं को रसीद बुक सौंपी जाती है। 20 रुपये में पार्टी की सदस्यता दिए जाने का प्रावधान रखाा गया है। रसीद बुक में 50 रसीदें होती हैं।
कार्यकर्ता अपनी हैसियत के अनुसार रसीदें काटते हैं कि और अभियान को आगे बढ़ाया जाता है। इसके लिए कैंप लगाकर और लोगों के पास जाकर सदस्यता कराने की परंपरा भी पार्टी में रही है। जनपद की बात की जाए तो प्रभारियों के सामने सपा नेता सदस्यता अभियान पर बातचीत करते हुए फोटो खिंचवाकर सोशल मीडिया पर फोटो डालते तो नजर आ रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अभियान की वास्तविकता से कोसों दूर है।
गाजियाबाद जनपद में ज्यादातर हिस्से अभियान से दूर हैं। पार्टी के नेताओं की ओर से मात्र औपचारिकता ही निभाई जा रही है। पार्टी के एक नेता ने बताया कि बुधवार को समावादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव दिल्ली में थे। इस दौरान स्थानीय स्तर के कई नेताओं ने उनसे मुलाकात की। अखिलेश यादव का फोकस भी सदस्यता अभियान पर था। उन्होंने साफ कहा कि पार्टी कार्यकर्ता प्राथमिकता के आधार पर अभियान को आगे बढ़ाएं। पार्टी जितना ज्यादा लोगों से जुड़ेगी, उतना ज्यादा फायदा समाजवादी पार्टी को भविष्य में मिलेगा। खासकर, लोकसभा चुनाव में पार्टी अभियान के आधार ही मजबूती के साथ प्रदर्शन कर पाएगी।