नोएडा (युग करवट) कहावत है कि हाथी के दांत खाने के और दिखाने के और होते हैं, यह कहावत नोएडा प्राधिकरण के ऊपर पूरी तरह से सटीक बैठती है। नोएडा प्रधिकरण के दावे कुछ और होते है और हकीकत कुछ और निकलकर सामने आती है।
उदाहरण के तौर पर बता दें कि पिछले ही महीने नोएडा की सीईओ ने ट्वीट करके दावा किया था कि एक करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर प्राधिकरण ने उन जगहों को ठीक कराया गया है जहां बारिश के दिनों में जलभराव की समस्या होती थी। दावा किया गया था कि प्राधिकरण बारिश के दौरान जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए लगातार काम कर रहा है. लेकिन बीती रात और आज सुबह हुई मूसलाधार बारिश ने प्राधिकरण के इन सभी दावों पर पानी फेर दिया है। भारी बारिश की वजह से शहर में जगह-जगह जोगों को जल भराव की समस्या से जूझना पड़ा। नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने 21 जुलाई को एक ट्वीट करके नोएडावासियों को आश्वस्त किया था कि दलित प्रेरणा स्थल के पास 74 लाख की लागत से निर्मित समरसेबल पंप और सेक्टर-44 महामाया क्लोवर लीफ के पास 49.98 लाख की लागत से निर्मित नालियों से बारिश के दिनों जलभराव की समस्या में कमी आई है लेकिन देर रात हुई मूसलाधार बारिश ने प्राधिकरण के दावों पर पानी फेर दिया है। इन दोनों जगहों पर हुए भारी जलजमाव से लोग जुझते नजर आए। वाटर लॉगिंग के कारण कई गाडिय़ा बंद हो गई। वहीं कई लोग अपनी गाडिय़ों को धक्के मारते नजर आए। इस प्रकार नोएडा प्राधिकरण ने नोएडा कि सड्कों को ठीक करने और नालों की सफाई का दावा था, लेकिन सड़क के गडढो को मिट्टी से भरकर ठीक कर दिया। बारिश में दुध कि सप्लाई करने निकाला मदर डेयरी का एक कैंटर इस गडड़े में घुस गया। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में देर रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने यहां के जीवन को अस्त व्यस्त कर दिया। वाहन चालकों को जहां वाटर लॉगिंक और जाम के कारण भारी दिकक्तों का सामना पड़ा। वहीं दो पहिया वालों के लिए भी यह वाटर लॉगिंक परेशानी का सबब बनी। वाटर लॉगिंग के कारण कई गाडिय़ा बंद हो गई। वहीं कई लोग अपनी गाडिय़ों को धक्के मारते नजर आए। यह वाटर लॉगिंक सेक्टर-37, सेक्टर-19, डीएनडी ओवरलीफ, सेक्टर-34, सिटी सेंटर, सेंटर स्टेज मॉल के पास, सेक्टर-27 में हुई। लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी डीएनडी से दिल्ली जाने वाले को हुई। इनता ही नहीं सेक्टर-16 के बिजली घर में पानी भर जाने के कारण बिजली की सप्लाई कई सेक्टरों में रोकनी पड़ी है। इस बारिश ने नोएडा प्राधिकरण के दावों की पोल खोल के रख दी है। दावा था कि इस बार नालों की सफाई होने के कारण नोएडावासियों को वाटर लॉगिंक की समस्या से निजात मिल जाएगी।