युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। जिन ग्रुप हाउसिंग में कूड़ा निस्तारण का प्लांट नहीं होगा, उन बिल्डरों को संपूर्णता प्रमाण पत्र अब नहीं मिलेगा। नगर निगम ने इसके लिए यूपीएसआईडीसी, आवास एवं विकास परिषद और जीडीए को पत्र लिखा है। निगम का दावा है कि तीनों विभागों ने इस पर निगम की बात को मान लिया है। अभी तक ग्रुप हाउसिंग के बन जाने के बाद संबंधित विभाग, भले ही जीडीए, हो या आवास विकास परिषद या फिर अन्य विभाग एनओसी जारी कर देता था। इसके बाद बिल्डर अपने प्रॉजेक्ट को पूरा मान कर उसे आरडब्ल्यूए को ट्रांसफर करा हुआ मानकर बाहर निकल जाता था। जबकि कई आरडब्ल्यूए को निगम नोटिस जारी करता था। आरडब्ल्यूए का कहना होता था कि बिल्डर की और से कूड़ा प्रोसेसिंग प्लांट नहीं लगाया गया है।
इस मामले में अब नगर निगम ने गंभीरता से लिया। अभी तक जो व्यवस्था है वह तो पूर्व की तरह लागू रहेगी। मगर अब आगे से ऐसा नहीं होगा। अब नगर निगम चाहता है कि जिस भी ग्रुप हाउसिंग को बिल्डर पूरा करे उसका संपूर्णता प्रमाण पत्र जब ही जारी किया जाए तब नगर निगम भी एनओसी मिल जाए। एनओसी देने से पहले निगम देखेगा कि बिल्डर ने क्या वहां कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था की है या नहीं। निगम के हेल्थ अफसर डॉ0 मिथलेश का कहना है कि इसी सिस्टम के जरिए सभी ग्रुप हाउसिंग में सॉलिडवेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाया जा सकेगा। और इससे स्वच्छता भी होगी।