देहरादून। उत्तराखंड के जोशीमठ में जमीन धंसने की बढ़ती घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। यहां 6 जनवरी तक 603 घरों में दरारें आ चुकी हैं। इनमें 100 से ज्यादा घर ऐसे हैं, जो कभी भी गिर सकते हैं। 44 परिवारों को फिलहाल सुरक्षित जगह पर भेज दिया गया है। जोशीमठ के कम से कम 9 वार्डों में दरारें और भूमि धंसने की घटनाओं देखने को मिली हैं। गांधीनगर और रविग्राम वार्डों में सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पीडि़त परिवारों से मुलाकात की। जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के ठहरने के लिए 1271 लोगों की क्षमता वाले 229 कमरों की पहचान की है। सीएम की बैठक के बाद जोशीमठ क्षेत्र के प्रभावितों के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन ने 6 महीने तक प्रभावित परिवारों को किराया देने का ऐलान किया है। अधिकारियों के मुताबिक जिन लोगों के घर खतरे की जद में हैं या रहने योग्य नहीं है, उन्हें अगले 6 महीने तक किराए के मकान में रहने के लिए 4000 प्रति परिवार सहायता दी जाएगी।