एक लाख लोगों को मिलेगा रोजगार यूपी के सूरतेहाल में होगा बदलाव
सड़कों का फैलेगा जाल, ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक हब भी बनेंगे
युग करवट संवाददाता
नोएडा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानि गुरुवार को गौतमबुद्घनगर में भारत के सबसे अत्याधुनिक अंतर्राष्टï्रीय एअरपोर्ट का शिलान्यास किया। चार चरणों में बनने वाले इस एअरपोर्ट का पहला चरण 2024 में पूरा होगा। यह एअरपोर्ट भारत का सबसे बड़ा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एअरपोर्ट होगा। इसमें पैसेंजर के साथ कमर्शियल फ्लाइट्स भी उतरेगी। इस एअरपोर्ट के बन जाने के बाद दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्टï्रीय एअरपोर्ट पर दबाव कम हो जाएगा। इस एअरपोर्ट के निर्माण से गौतमबुद्धनगर में योजना और परियोजनाओं की बाढ़ सी आ गई है। एयरपोर्ट के चलते ही चार नए शहर बस रहे हैं। इतना ही नहीं कनेक्टिविटी को लेकर भी खूब चर्चाएं हो रही हैं। कारोबार के लिहाज से एयरपोर्ट को संजीवनी माना जा रहा है। जेवर एअरपोर्ट के नाम से बनने वाले इस एअरपोर्ट से उत्तर प्रदेश में विदेशी पूंजी निवेश बढ़ेगा।
इस एअरपोर्ट की डिजाइन खासतौर पर बनाई गई है। यमुना एक्सप्रेसवे से एलिवेटेड सड़क सीधे एयरपोर्ट तक जाएगी। बल्लभगढ़ से बाईपास बनाकर दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे को जोड़ा जाएगा। इसके अलावा गंगा एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। इसी तरह ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को भी यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़कर वाहनों को जेवर एयरपोर्ट का रास्ता दिया जाएगा। वेस्ट यूपी के शहरों को सीधे एयरपोर्ट से जोडऩे के लिए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की मदद लेकर बुलंदशहर से एक नई सड़क तैयार की जाएगी। दिल्ली वालों की सहुलियत के लिए मयूर विहार से महामाया फ्लाई ओवर तक एलिवेटेड रोड तैयार हो रहा है।
इसके अलावा जेवर एयरपोर्ट से आईजीआई, दिल्ली को जोडऩे के लिए बनाए जाने वाले स्पेशल मेट्रो कॉरिडोर की लम्बाई करीब 74 किमी होगी। इस कॉरिडोर का रूट भी लगभग तय कर लिया गया है। कॉरिडोर का रूट कई फेज में होगा। जेवर एयरपोर्ट से लेकर नॉलेज पार्क (ग्रेटर नोएडा) तक, नॉलेज पार्क से नोएडा और नोएडा से यमुना बैंक स्टेशन तक एलिवेटेड ट्रैक बनेगा। इसके बाद यमुना बैंक से नई दिल्ली (शिवाजी पार्क) तक अंडरग्राउंड कॉरिडोर तैयार होगा।
बोड़ाकी में बनेगा मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब
ग्रेटर नोएडा के बोड़ाकी में मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब तैयार करने की योजना पर काम हो रहा है। इसके लिए 7 गांवों की 478 हेक्टेयर जमीन अधिग्रिहित की जा रही है। जानकारों की मानें तो 80 जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। योजना के तहत यहां रेलवे स्टेशन, मेट्रो ट्रेन और बस अड्डा भी तैयार किया जा रहा है।
मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब बनने के बाद वेयर हाउसिंग का पूरा सिस्टम विकसित किया जाएगा। वेयर हाउसिंग में 1500 से 2000 करोड़ रुपये का निवेश ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी करेगी। सीईओ रितु माहेश्वरी का कहना है कि ग्रेटर नोएडा शहर की कनेक्टिविटी देश के दूसरे शहरों से कहीं बेहतर है। यहां पर दुबई और सिंगापुर जैसे पोर्ट की तरह इनलैंड कंटेनर डिपो भी बनाया जाएगा। जिसके जरिए कोई भी सामान भारत के किसी भी हिस्से में सिर्फ 15 घंटे में पहुंच जाएगा।