नोएडा (युग करवट)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इंजीनियरिंग की जेईई मेन्स परीक्षा में हो रही बड़ी धांधली का खुलासा करते हुए नोएडा के सेक्टर-16 मे स्थित एफिनिटी इंस्टिट्यूट के 2 डायरेक्टर समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। देशभर में ऑनलाइन परीक्षा देने वाले छात्रों के कंप्यूटर को रिमोट पर लेकर पेपर सॉल्व करने वाले एक बड़े नेटवर्क का सीबीआई ने खुलासा किया है।
नोएडा के सेक्टर-16 स्थित एफिनिटी एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड के दो डायरेक्टर सिद्धार्थ कृष्णा और विश्वंभर मणि त्रिपाठी के अलावा रितिक सिंह, अंजुम, अनिमेष कुमार सिंह, अजिंक्य नरहरि पाटिल समेत कुल 7 लोगों को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है। इससे एक दिन पहले सीबीआई ने जेईई मेन्स में हो रहे फर्जीवाड़े को लेकर एक एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद सीबीआई ने गुरुवार और शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर, इंदौर, पुणे, बेंगलुरु और जमशेदपुर में कई जगहों पर छापा मारा तदा तलाशी ली थी। संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) भारत के विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित एक इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा कराती है। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने एफिनिटी एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर सिद्धार्थ कृष्णा, और विश्वंभर मणि त्रिपाठी, गोविंद वाष्र्णेय के खिलाफ चल रही जेईई (मेन्स) परीक्षा 2021 के दौरान बरती जा रही अनियमितताओं के आरोप में मामला दर्ज किया था। सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी जेईई (मेन्स) की ऑनलाइन परीक्षा में गड़बड़ी कर रहे थे। यह भी पता चला है कि आरोपी छात्रों से मोटी रकम वसूल कर टॉप एनआईटी (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) कॉलेज में प्रवेश दिलाने के लिए रिमोट एक्सेस के जरिए एग्जाम में प्रश्न पत्र सॉल्व करा रहे थे। सीबीआई की जांच में सामने आया है कि हरियाणा के सोनीपत स्थित परीक्षा सेंटर से रिमोट एक्सेस लेकर इस इंस्टिट्यूट के अधिकारी पेपर सॉल्व करा रहे थे। सीबीआई के प्रवक्ता आर. सी. जोशी ने बताया कि इस मामले को लेकर सीबीआई ने देश के अलग-अलग शहरों में 19 जगहों पर छापेमारी की है। यह छापेमारी दिल्ली, नोएडा, पुणे, जमशेदपुर, इंदौर और बेंगलुरू में हुई है। इस दौरान सीबीआई ने 25 लैपटॉप, 7 कंप्यूटर, 20 पोस्ट डेटेड चेक और पीडि़त छात्रों के बड़ी मात्रा में हाइस्कूल और इंटरमीडिएट के ओरिजिनल सर्टिफिकेट समेत कई सामान बरामद किए हैं। वहीं, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि डेंगू मरीजों की रिपोर्टिंग नहीं की जा रही है।