युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। सपनावत स्थित श्री वैष्णो धाम मंदिर में चल रहे श्रीमदभागवत गीता कथाज्ञान के दूसरे दिन अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कथावाचक स्वामी श्रीकृष्ण जी ने कर्म योग पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति गीता का नित्य पाठ करता है, नित्य श्रवण करता है, उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। गीता सुनने मात्र से ही मोक्ष की प्राप्ति होती है। ऐसे व्यक्ति के भीतर दृष्टि तो जन्म लेती है, साथ ही उनकी ज्ञानक्षमता में भी वृद्घि होती है।
उन्होंने कहा कि गीता में भगवान कृष्ण ने अर्जुन में सारे संसार को देखते हैं। दृष्टि का ज्ञान भी है। हम भी चाहते हैं कि कि हमारे घर के बच्चे बड़ी यूनिवर्सिटी से ज्ञान प्राप्त करें। गीता दृष्टि यानी ज्ञान तो देती है दृष्टि यानी एक लक्ष्य तो देती है लेकिन व्यक्ति के जीवन में ज्ञान हो, लक्ष्य हो लेकिन जीवन सफल नहीं हो पाता है। इसका सूत्र क्या है। जब आप ध्यान करेंगे तो आपको पता चलेगा इसका सूत्र तो आपके पास ही है।
उन्होंने कहा कि बहुतों के पास दृष्टि और ज्ञान हैं मगर यह नहीं तय कर पाते हैं तो जाना कहां है। भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा, जैसे आप संसार को देख सकते हो लेकिन उसी दृष्टि से आप स्वयं अपने आप को नहीं देख सकते हो। अपने आप को देखने के लिए तो आपको दर्पण की भी जरूरत पड़ती है। यदि दर्पण ना हो तो व्यक्ति अपने आप को नहीं देख पाएगा। दृष्टि मानो यह बताती है कि आपको जाना कहां है और दर्पण यह बताता है कि आप हो कहां। दृष्टि यह बताती है कि आपके भीतर क्षमता क्या है तो दर्पण यह बताता है कि आपने कमजोरी क्या है। सुंदर तरीके से पेश व्याख्यान सुनते सुनते श्रोता गण भाव विभोर हो गए। दूसरे दिन राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। व्यास गद्दी से स्वामी जी ने पटका और माला देकर आशीर्वाद दिया गया। मंदिर के संस्थापक संजीव गुप्ता एवं राजीव गुप्ता ने सांसद अनिल अग्रवाल को स्मृति चिन्ह एवं बुके भेंट कर स्वागत किया। दूसरे दिन संजीव गुप्ता और राजीव गुप्ता, उनके परिवार के सदस्यों के साथ देवेंद्र हितकारी, सौरभ जायसवाल, राकेश गोयल, प्रदीप गुप्ता, बसंत अग्रवाल, देवेंद्र गुप्ता आदि मौजूद थे।