युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। जीडीए और नगर निगम का करीब एक हजार करोड़ रुपये अवस्थाना निधि का पैसा शासन देने को तैयार नहीं है। अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है। जीडीए बोर्ड सदस्य एवं पार्षद हिमांशु मित्तल ने इस मामले में एक पत्र प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजा है। जिसमें मांग की गई कि जीडीए और नगर निगम को जो अवस्थाना निधि का पैसा रिलीज होना चाहिए था वह अवमुक्त नहीं हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पैसा जल्द अवमुक्त करने की मांग की है। कहा गया था कि अवस्थापना निधि का करीब 491 करोड़ रुपये नगर निगम का शासन में बकाया है। बैठक में फैसला लिया गया कि शासन से यह पैसा लिया जाएगा। नगर निगम ही नहीं जीडीए का भी करीब पांच सौ करोड़ रुपये शासन में फंसा हुआ है। यह पैसा भी अवस्थाना निधि का पैसा है। दोनों विभागों का करीब एक हजार करोड़ रुपये बकाया है। बीजेपी पार्षद एवं जीडीए बोर्ड सदस्य ने इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। उनसे मांग की है कि दोनों विभागों का फंसा करीब एक हजार करोड़ रुपया शहर विकास में हित को देखते हुए रिलीज करे। उन्होंने पत्र की प्रति प्रमुख सचिव नगर विकास, मंडलायुक्त, डीएम, जीडीए वीसी ,नगर आयुक्त आदि को भी दी है।