प्रमुख संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। हाईटेक सिटी के किसानों और प्रशासन के बीच आज खूब तनातनी रही। करीब 18 गांवों के किसानों ने भारतीय किसान संगठन एकता की अगुवाई में कई मांगों को लेकर जीडीए की ओर कूच किया। मगर, प्रशासन और पुलिस ने उन्हेंं वेव सिटी में ही रोक दिया। किसान जीडीए पर धरना देना चाहते थे। वहीं, दूसरी ओर जीडीए पर प्रशासन ने कई सौ पुलिसकर्मी तैनात कर उसे छावनी में तब्दील कर दिया। वेव सिटी के किसानों के इस आंदोलन की अगुवाई संगठन के जिलाध्यक्ष प्रधान लोकेश नागर कर रहे है।
उन्होंने बताया कि हम शांतिपूर्ण तरीके से वेव सिटी से जीडीए तक कूच करना चाह रहे थे। यहां किसान अपने ट्रैक्टर ट्रॉली आदि साधनों के जरिए कूच करने के लिए वेव सिटी आए थे, इसमें महिलाओं की भी बड़ी संख्या है। तय समय के मुताबिक करीब दस बजे जैसे ही किसानों ने वेव सिटी से जीडीए के लिए कूच शुरू किया, एसडीएम सदर विनय सिंह, कई सौ पुलिसकर्मी और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। किसानों के कूच को पुलिस प्रशासन ने वेव सिटी में ही रोक दिया। इसको लेकर जमकर हंगामा हुआ। यहां किसानों और पुलिस प्रशासन के बीच वार्ता भी हुई।
प्रशासन का कहना है कि जिले में धारा 144 लगी है। प्रशासन धरना प्रदर्शन और जीडीए ऑफिस तक कूच की इजाजत नहीं दे सकता है। वहीं, किसानों का कहना था कि यह उनका पूर्व घोषित कार्यक्रम है और वे जीडीए तक कूच कर वहां अनिश्चितकालीन धरना देंगे। इसी को लेकर किसानों और पुलिस प्रशासन के बीच तनातनी चलती रही। इस दौरान कई बार किसानों और पुलिस के बीच टकराव की भी नौबत आई। किसान कूच पर अड़े हैं और प्रशासन इसकी इजाजत नहीं दे रहा है।