युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। राजनगर सेक्टर सात में जिस जहां सिटी क्लब बना है उसे जीडीए ने पार्क की जमीन मानने से इनकार कर दिया। जीडीए की ओर से इस संबंध में आईजीआरएस पॉर्टल पर दर्ज एक शिकायत के जवाब में यह बात कहीं। हाल ही में जीडीए पर आरोप लगाया गया था कि उसने पार्क की जमीन में सिटी क्लब की बिल्डिंग खड़ी कर दी। यह आरोप पर्यावरण विद आकाश वशिष्ठ ने लगाया था। उन्होंने इस संबंध में आईजीआरए पॉर्टल पर शिकायत की थी। जीडीए की ओर से अधिशासी अभियंता आलोक रंजन ने इस पर जवाब दिया। उन्होंने आईजीआरएस पर अपलोड शिकायत का निस्ताण किया। उन्होंने वशिष्ठ को पत्र लिखा। पत्र में जीडीए ने कहा कि राजनगर सेक्टर सात की जमीन में सिटी पार्क बना है उसे गलत व्याख्या कर पार्क बताया जा रहा है। जो पूरी तरह से निराधार है।
मास्टर प्लान 1962 में संबंधित जमीन नेबरहुड पार्क यानि ओपन एरिया था। बाद में जब जीडीए के अन्य मास्टर प्लान बनाए गए तो गलती से इस जमीन को पार्क दिखा दिया गया। जीडीए इस भूल को सुधार चुका था। ऐसे में सिटी क्लब जहां बना है वह जमीन पार्क की नहीं है। वह जमीन ओपन एरिया की है। जिस का उपयोग जीडीए ने क्लब बनाने में किया है।