मंडलायुक्त 28 को ले सकते है बड़ा फैसला
युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। स्वर्णजयंतीपुरम कॉलोनी में 193 प्लॉट को बहाल किए गए घोटाले में फंसे जीडीए में तैनात रह चुके 36 अधिकारियों की टेंशन बढऩे जा रही है। मंडलायुक्त सुरेंद्र कुमार सिंह ने जीडीए से पत्रावली तलब की है। साथ ही जिन अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है उनके पक्ष भी लिखित में जीडीए के अधिकारियों से पेश करने को कहा है। मंडलायुक्त 28 जुलाई को गाजियाबाद आ रहें हंै। वह यहां प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा करेंगे। इसके बाद उनका जीडीए में आने का कार्यक्रम है। मंडलायुक्त के इस दौरे को लेकर जीडीए के उन पूर्व अधिकारियों के होश उड़े हुए है जो प्लॉट बहाल करने के घोटाले में आरोपी है। जीडीए ने स्वर्णजयंतीपुरम कॉलोनी की 1997 से लेकर 2007 तक कई प्लॉट के आवंटन की स्कीम निकाली। इस दौरान जीडीए ने करीब 1583 प्लॉट का आवंटन किया। बाद में भुगतान समय पर नहीं करने के मामले में जीडीए ने पहले 193 प्लॉट के आवंटन को निरस्त कर दिया। आरोप है कि बाद में जीडीए ने उन्हीं प्लॉट का पुराने प्लॉट के रेट पर ही रजिस्ट्रेशन बाहल कर जीडीए को आर्थिक चोट पहुंचाने का कार्य किया।
आरोप है कि मौजूदा कई अधिकारियों ने इस खेल में मोटी कमाई की थी। प्रकरण के सामने आने के बाद भाजपा पार्षद राजेन्द्र त्यागी ने इस मामले में हाईकोर्ट में केस फाइल किया। हाईकोर्ट ने सरकार को घोटाले की जांच के आदेश दिए। वर्ष 2019 में तत्कालीन मंडलायुक्त मुरादाबाद आरके सिंह ने जांच की। जांच में जीडीए के पूर्व में तैनात रह चुके 36 कर्मचारी और अधिकारी आरोपी बनाए गए। इनमें कई आईएएस और पीसीएस अफसर शामिल है। इसके बाद मंडलायुक्त ने कई अधिकारियों को तलब कर उनका पक्ष जाना। कई ऐसे अधिकारी ऐसे है जिन्होंने अपना पक्ष नहीं दिया है। इसी के चलते यह पत्रावली अभी भी अधूरी है। अब एक बार फिर से यह घोटाला चर्चा का विषय बना हुआ है। जीडीए सचिव संतोष कुमार राय ने संबंधित अधिकारियों के पक्ष संबंधी रिपोर्ट तैयार करने के लिए निर्देश दिए है। माना जा रहा है कि मंडलायुक्त 28 को इस घोटाले पर कोई फैसला लेंगे।