युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। बढ़े हुए मुआवजे की मांग को लेकर छह गांवों के किसानों ने आज जीडीए का घेराव कर गेट बंद कर दिया। बड़ी संख्या में किसान करीब सवा बारह बजे जीडीए के खिलाफ नारेबाजी करते जीडीए गेट पर पहुंचे। यहां पहले से ही तैनात पुलिस ने किसानों को रोकने की कोशिश की। किसानों और पुलिस के बीच यहां हल्की झड़प भी हुई। किसानों ने एक खास रणनीति के तहत महिलाओं को आगे किया। इसके बाद किसानों के साथ आई महिलाओं ने मुख्य गेट को बंद कर दिया और वहीं धरने पर बैठ गईं। इसके बाद किसान धरने पर बैठ गए। किसानों का कहना है कि उन्हें जमीन का बढ़ा हुआ मुआवजा दिया जाए नहीं तो वह जीडीए को कॉलोनी में काम करने नहीं देंगे। किसानों के इस आंदोलन की अगुवाई किसान नेता सुदीप शर्मा कर रहे हैं। प्रदर्शन करने वाले किसानों में सदरपुर, बयाना, मटियाला, दुहाई, आदि छह गांवों के किसान शामिल रहे। जीडीए पर धरने के दौरान किसानों और पुलिस के बीच नौक-झोंक हुई। इसके बाद हापुड़ चुंगी से होते हुए किसान ट्रैक्टर ट्रॉली के जरिए जीडीए ऑफिस पर पहुंचे।
यहां पहले से ही पुलिस ने जीडीए के सामने वाले रास्ते को बंद कर दिया था। यहां किसानों के काफिले को पुलिस ने रोकने की कोशिश की। किसानों और पुलिस के बीच झड़प होती देख एक बार में लगा कि यहां विवाद बढ़ेगा। इसी बीच किसानों के साथ आई महिलाओं ने पुलिस को पीछे हटा दिया। किसानों का कहना है कि जीडीए ने मधुबन-बापूधाम कॉलोनी की 1234 एकड़ जमीन अधिग्रहण करते वक्त 1100 रुपये प्रतिवर्ग गज के हिसाब से मुआवजा किसानों को दिया था। प्रदर्शन करने वालों में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष राजवीर सिंह, तेजवीर सिंह, महाराज सिंह, राजकुमार, रामनाथ, महेंद्र सिंह आदि मौजूद था।