युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। जहां पहले आमजन अपनी शिकायतों को लेकर एक से दूसरे विभाग चक्कर लगाते रहते थे और अधिकारियों के पास जाने से भी घबराते हैं। वहीं जिले के मुखिया डीएम आरके सिंह के पास आमजन अपनी शिकायतों को लेकर अब बेधडक़ पहुंच जाते हैं और उनकी हर बात सुनी जाती है और उसका समाधान भी होता है। डीएम आरके सिंह की ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठ छवि के चलते प्रदेश सरकार ने उन्हें गाजियाबाद डीएम के साथ ही अतिरिक्त रूप में जीडीए वीसी का कार्यभार भी सौंपा है। एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी की छवि आमजन के साथ ही प्रदेश सरकार में भी डीएम आरके सिंह की बनी हुई है। पूर्व में वह गाजियाबाद में सिटी मजिस्ट्रेट से लेकर नगरायुक्त का पदभार यहां सम्भाल चुके हैं। इसके करीब एक साल से वह गाजियाबाद डीएम के पद पर तैनात हैं। सरकारी योजनाओं के लाभ को लोगों तक पहुंचाने और विकास कार्यों को समय से पूरा कराने में जितनी मेहनत डीएम आरके सिंह ने की है, शायद किसी अन्य अधिकारी नहीं की। जिले में डीएम का पदभार संभालते ही उन्होंने अपने कार्यालय के दरवाजे आम आदमी के लिए खोल दिए थे। सम्भवत: ऐसा करने वाले प्रदेश में वह पहले अधिकारी हैं, जो जनता से बंद दरवाजों में नहीं बल्कि, अपने कार्यालय में दरवाजे खोल कर मिलते हैं। अपनी शिकायत लेकर फरियादी कभी भी उनके पास पहुंच जाते हैं, सुबह से लेकर शाम, जब तक वह कार्यालय में मौजूद रहते हैं वह आमजन से सीधे संवाद करते हैं। आरके सिंह उनकी शिकायतों को न सिर्फ सुनते हैं बल्कि तत्काल कम्प्यूटर में दर्ज कराकर उसका मैसेज भी भेजते हैं। उनकी इस कार्यशैली से जिले के आमजन में उनकी छवि एक ईमानदार और ऐसे अधिकारी की बन चुकी है, जो हमेशा जनता का हित सोचता है। विभागों में व्याप्त भ्रष्टïचार पर उन्होंने कड़ाई से लगाम लगाई है तो वहीं समय से कार्यालयों में उपस्थित न होने वाले अधिकारी व कर्मचारियों को बिना किसी कार्रवाई के लिए समय का पाबंद बनाया है। कोरोना काल में अपने अभिभावकों को खो चुके बच्चों के लिए उन्होंने समय से छावृत्ति से लेकर लैपटॉप आदि का वितरण कराया। आमजन के साथ ही प्रदेश सरकार के आला अधिकारियों के बीच भी उनकी यह छवि खासी चर्चित है। डीएम आरके सिंह पर प्रदेश सरकार भी बहुत भरोसा जताती है। खुद सीएम योगी आदित्यनाथ भी जिले में विकास योजनाओं को लेकर कई बार उनकी पीठ थपथपा चुके हैं। अपनी इसी छवि और कार्यशैली के चलते प्रदेश सरकार ने उनको डीएम के साथ ही एक और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी हैं। उन्होंने अब डीएम के साथ-साथ जीडीए वीसी का भी कार्यभार संभाला है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि डीएम आरके सिंह यहां से पहले मुरादाबाद के डीएम थे और चार साल डीएम रहे। मुरादाबाद जैसे जिले में चार साल डीएम रहना बडी उपलब्धि है।