युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। पेंशन को लेकर चल रहे एक विवाद के मामले में जीडीए की टेंशन बढ़ गई है। उद्यान विभाग से सेवानिवृत कर्मचारी एमपी शर्मा के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जीडीए वीसी कृष्णा करुणेश को आठ अक्टूबर को तलब किया है। शर्मा ने बताया कि वह जीडीए के उद्यान विभाग से कई वर्ष पहले रिटायर हुए थे। रिटायरमेंट के बाद जब उन्होंने जीडीए से अपने पीएफ आदि फंड के साथ पेंशन के देय मांगे तो विवाद हो गया। आरोप है कि जीडीए ने नियमानुसार पूरी पेंशन का भुगतान नहीं किया। इस मामले में कई बार जीडीए और शासन को पत्राचार किया गया। बाद में मामला कोर्ट पहुंच गया। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में जीडीए को वर्किंग में सुधार करते हुए शर्मा को पूरी पेंशन भुगतान करने के निर्देश दिए। उस समय जीडीए वीसी कंचन वर्मा थी। आरोप है कि जीडीए वीसी पद पर रहते सुप्रीम कोर्ट के आदेश को उन्होंने पालन नहीं किया। तीन महीने पहले जीडीए के पूर्व कर्मचारी एमपी सिंह ने जीडीए वीसी के खिलाफ कोर्ट की अवमानना का केस दायर किया। मगर जीडीए की तत्कालीन वीसी कोर्ट में पेश नहीं हुए। अब इस मामले में तीन सितंबर को जीडीए वीसी को कोर्ट में पेश होना था। मगर किन्हीं कारण से इस पर सुनवाई नहीं हो पाई। अब सुप्रीम कोर्ट ने आठ अक्टूबर को जीडीए वीसी को तलब किया है। सुप्रीम कोर्ट के इस सख्त रुख से जीडीए के अधिकारियों के होश उड़े है। माना जा रहा है कि इस मामले में विधि विभाग के कुछ कर्मचारियों पर गाज भी पड़ सकती है।