युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। जीएसटी कानून में विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर इंडस्ट्रीज एंड ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने डीएम के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उद्यमियों ने अपने ज्ञापन में कहा कि नए कानून के तहत कोई तकनीकी गलती होने पर उसे सुधारने का मौका नहीं दिया जाता। सकल कर पर ब्याज लेना अव्यवहारिक है। जीएसटी अप्रत्यक्ष कर कानून ना होकर लेट फीस वसूली का कानून बनकर रह गया है। जीएसटी नेटवर्क का समुचित रूप से काम नहीं हो पाता, खामियाजा व्यापारी वर्ग को झेलना पड़ता है। इनपुट क्रेडिट मिसमैच की समस्या वेट में भी थी और जीएसटी में भी यह समस्या बनी हुई है। सर्विस टैक्स की दरें अव्यवहारिक रूप से बढ़ा दी गई हैं जिससे व्यापार करना मुश्किल हो गया है।
एसोसिएशन ने ज्ञापन में मांग की है कि जीएसटी की विसंगतियों को दूर किया जाए। ज्ञापन देने वालों में राष्टï्रीय अध्यक्ष महेश कुमार आहूजा, राष्टï्रीय महामंत्री प्रिंस कंसल, कपिल सेठ, डॉ.एसपी त्यागी, राकेश जैन, गुलशन कुमार भांबरी, डीके बंसल, बलदेव सिंह, शिवकुमार तिवारी, आलोक सिंह, अशोक गोयल, प्रदीप, हरमीत सिंह आदि मौजूद रहे।