युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल ने जीएसटी की बढ़ी दरों के विरोध में डीएम के माध्यम से केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। मंडल के पदाधिकारियों ने इस दौरान कहा कि एक जनवरी २०२२ से देश भर में कपड़ा, फुटवियर, स्टेशनरी सहित कई उत्पादों पर जीएसटी की वर्तमान दर ५ फीसदी से बढ़ाकर १२ फीसदी किए जाने का निर्णय अव्यवहारिक है। इस निर्र्णय से सिर्फ व्यापारी ही नहीं बल्कि उपभोक्ता भी प्रभावित होंगे।
आमजन को भी मंहगाई की मार झेलनी पड़ेगी। कोरोना संक्रमण के कारण व्यापारी पहले ही मार झेल रहा है। अर्थव्यवस्था चरमरा गई है, उस पर सरकार द्वारा इस आर्थिक संकट से उबरने के लिए कोई राहत पैकेज भी नहीं है। उल्टे एक जनवरी से अति आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी दर बढ़ाकर संकट को बढ़ाए जाने का काम किया जा रहा है। ज्ञापन देने वालों में प्रदेश महामंत्री तिलकराज अरोड़ा, प्रदेश प्रचार मंत्री डॉ.अशोक वासुदेव, ओमदत्त गुप्ता जिलाध्यक्ष अशोक शर्मा, नवीन अग्रवाल, संजय शर्मा, विवेक साहनी, सीपी शर्मा, गोपीचंद शर्मा, राकेश बाटला, सतीश चौधरी, लव अग्रवाल आदि मौजूद रहे।