प्रमुख संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। इस बार जीआईएस सर्वे के हिसाब से शहर के लोगों को हाउस टैक्स देना होगा। इसके लिए नगर निगम ने नोटिस वितरण की स्पीड को बढ़ा दिया है। नगर निगम ने करीब पांच लाख प्रॉपर्टी के सापेक्ष करीब एक लाख 85 हजार नोटिस का वितरण कर दिया है। नगर निगम ने यह नोटिस कविनगर, सिटी, विजयनगर, मोहननगर और वसुंधरा जोन में वितरित किए है।
अभी तक नगर निगम हाउस टैक्स के नोटिस नगर निगम पूराने पैटर्न पर देता था। वर्ष 2002 से शहर में सेल्फ एसेस्मेंट स्कीम लागू की गई है। इसी स्कीम के तहत लोगों को अपना हाउस टैक्स खुद तय करने का अधिकार है। प्रदेश सरकार ने हाल ही में एक जीआईएस सर्वे कराया है। जीआईएस सर्वे के हिसाब से एक प्राइवेट कंपनी की ओर से प्रॉपर्टी टैक्स का डेटा तैयार किया गया है।
इसमें नगर निगम को सबसे अधिक फायदा यह हुआ कि पहले नगर निगम में रजिस्टर्ड प्रॉपर्टी की कुल संख्या केवल तीन लाख बीस हजार के आसपास थी। मगर नए जीआईएस सर्वे के डेटा के हिसाब से यह संख्या बढक़र कई ज्यादा हो गई है। इससे नगर निगम की इनकम में भी ईजाफा होने की संभावना है। इसी के चलते नगर निगम अब नए नोटिस के हिसाब से हाउस टैक्स वसूलने की कार्रवाई कर रहा है। ताकी निगम की इनकम में ईजाफा हो सके।