ना दो साल में सीतापुर जेल में बंद पूर्व मंत्री आजम खां की आंखों में आंसू आए, ना ८५ मुकदमें होने के बाद उनकी आंखों में आंसू आए, ना अस्पताल में कोरोना से वो घबराये। उनकी आंखों में लोगों ने आंसू नहीं देखे, लेकिन जब सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के निधन की खबर आई और अंतिम संस्कार के मौके पर आजम खां के आंसू नहीं रुके और वो बराबर रोते रहे। जाहिर है उनका मुलायम सिंह का आज का नहीं कई दशकों का साथ था और समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में आजम खां भी थे।