नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। कोविड से लडऩे को अस्पताल कितने तैयार हैं इसको लेकर आज जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में मॉकड्रिल की गई। लखनऊ से आए स्वास्थ्य विभाग के ज्वॉइंट डायरेक्टर डॉ. विकास सिंघल ने जिले में कोविड की तैयारियों को परखा। इस दौरान ज्वॉइंट डायरेक्टर और सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधर ने संयुक्त जिला अस्पताल में मॉकड्रिल की।
सबसे पहले ऑक्सीजन प्लांट को चलाकर देखा गया और ऑक्सीजन का प्रेशर चेक किया गया। इसके बाद वार्ड, ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर, वेंटीलेटर, कोरोना मरीज के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं, उपकरणों की उपलब्धता, ऑक्सीजन मास्क, पीपीई किट आदि की उपलब्धता परखी गई। मॉकड्रिल के उपरांत शासन को रिपोर्ट सौंपी जाएंगी।
वर्तमान में गाजियाबाद में पांच सक्रिय मरीज हैं जिनका इलाज चल रहा है। फिलहाल कोरोना को लेकर जिले में स्थिति सामान्य है। कोविड मेडिसिन किट तैयार कराई जा रही हैं और कोविड हेल्प डेस्क की भी संख्या बढ़ाई जा रही है। संयुक्त अस्पताल के अलावा जिला अस्पताल, संतोष अस्पताल, ईएसआईसी, डासना, मोदीनगर, मुरादनगर व लोनी सीएचसी पर भी मॉकड्रिल की गई।
मॉकड्रिल के दौरान जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता, सीएमएस डॉ. विनोद चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।

 

कहीं बिना पीपीई किट तो कहीं बिना मास्क के दिखे कर्मचारी
मॉकड्रिल के दौरान कई ऐसी तस्वीरें सामने आईं जिसने मॉकड्रिल की गंभीरता को लेकर सवाल खड़े कर दिए। लोनी सीएचसी में स्वास्थ्यकर्मियों ने पीपीई किट पहनकर ड्रिल की, लेकिन जिला संयुक्त अस्पताल में मॉकड्रिल में शामिल कर्मचारी बिना मास्क के नजर आए। जबकि यहां खुद ज्वॉइंट डायरेक्टर, सीएमओ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। दवाओं की उपलब्धता में भी कुछ कमी दिखाई दी तो वहीं वार्ड में वेंटीलेंटर चलाने के लिए एक ही व्यक्ति मौके पर मौजूद नहीं दिखा। अन्य सीएचसी पर भी ऑक्सीजन प्लांट चलाकर तो देखे गए, लेकिन उनका प्रेशर जांच के कोई इंतजाम दिखाई नहीं दिए।