युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नेहा रुंगटा ने डासना जेल का निरीक्षण किया। महिला बंदियों के लिये बनाई गई बैरक के निरीक्षण के समय विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन भी हुआ। इस संदर्भ में नेहा रुंगटा ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के दिशा निर्देशों एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेश के अनुपालन के तहत जनपद न्यायाधीश /अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संरक्षण में उन्होंने डासना जेल में स्थित महिला बंदियों की बैरक का कैंप निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि इस दौरान उन्होंने कुसुम, गीता, सुनिता, रश्मि दुबे और तुलसी सहित कई और महिला बंदियों का हाल जानकर उनकी समस्याएं सुनीं और उनकी समस्याओं के निस्तारण और महिला बैरक की साफ सफाई रखने के निर्देश भी जेलर बिजेंद्र सिंह को दिए। श्रीमती रुंगटा ने बताया कि जेलर बिजेंद्र सिंह के अनुसार वर्तमान में डासना जेल में बंदियों की संख्या ४२१२ है। इनमें ३,९०० पुरुष बंदी व १७६ महिला बंदी हैं। इसके अलावा ६ वर्ष से कम उम्र के बच्चों की संख्या ११ है। निरीक्षण के दौरान जेलर बिजेंद्र सिंह ने अवगत कराया कि हाई पॉवर कमेटी के तहत अब तक ७७३ बंदियों को पैरोल पर छोड़ा गया और ४७ बंदियों को रिहा किया जा चुका है।