युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। एक ओर जहां देश में कुछ लोग हिंदू-मुस्लिम को धर्म में बांटकर राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कोरोना की इस महामारी में लोग धर्म जाति को एकतरफा कर लोगों की मद्द कर रहे हैं। मध्यप्रदेश की कांग्रेस लीडर नूरी खान भी उन्हीं लोगों में से एक हैं जिन्होंने कोरोना पीडि़त एक अंजान की मद्द करने के लिए अपना रोज़ा तोड़ किया और प्लाज़्मा डोनेट किया।
नूरी खान इस आपदा काल में लगातार लोगों की मद्द कर रही हैं। ऑक्सीजन से लेकर ब्लड प्लाज़्मा तक मुहैया कराने की मशक्कत कर रही हैं। हाल ही में मध्यप्रदेश पुलिस ने नूरी खान को इसके चलते गिरफ्तार भी कर लिया था लेकिन उनकी मद्द जारी रही। लोगों के बीच काम करते-करते वह खुद कोरोना संक्रमित हो गईं। लेकिन इलाज के बाद ठीक हो गईं। कल उनके मोबाइल पर किसी का फोन आया और पिताजी की तबियत खराब बताते हुए ब्लड प्लाज़्मा की जरूरत बताई। नूरी खान फोन करने वाले से अंजान थीं। जिस समय उनके पास कॉल आया, वह असम में थीं लेकिन प्लाज़्मा की जरूरत जिस मरीज को थी, वह इंदौर में था। उनका जो ब्लड ग्रुप था, वही नूरी खान का भी था। नूरी खान ने तत्काल असम से इंदौर के लिए फ्लाइट पकड़ी और सीधे अस्पताल पहुंच गईं। लेकिन डॉक्टर को जब नूरी खान के रोजे से होने का पता चला तो उन्होंने ब्लड लेने से इंकार कर दिया। इस स्थिति को देखते हुए नूरी खान ने तत्काल अपना रोज़ा कज़ा करते हुए प्लाज़्मा डोनेट किया। उनकी इस मद्द से दूरदर्शन में कार्यरत मनोहर लाल राठौड़ को प्लाज़्मा मिल सका। नूरी खान ने कहा कि सालों में कभी उन्होंने रोज़ा कज़ा नहीं किया लेकिन आज किसी की जान बचाने के लिए कर रही हूं। आंख में आंसू हैं लेकिन इस बात का अहसास है कि एक इबादत के लिए एक इबादत छूट रही है। नूरी खान ने मरीज के लिए अल्लाह से दुआ भी की। जहां लोग जाति धर्म के नाम पर देश को बांट रहे हैं, वहीं संकट के इस दौर में नूरी खान जैसे लोग धर्म, जाति को ना देखकर इंसानियत की सेवा में लगे हैं, तब भी विशेष पार्टी और विशेष संगठन के लोग रात दिन हिंदू मुस्लिम नफरत बढ़ाने में ही लगे हुए हैं। हर उस व्यक्ति पर लानत है जो इस वक्त लोगों की मद्द करने के बजाय देश में नफरत फैला रहा है ।