युग करवट ब्यूरो
नई दिल्ली। हनुमान जयंती पर्व पर शोभायात्रा पर पथराव होने के बाद सुर्खियों में आए जहांगीरपुरी में दिल्ली नगर निगम ने अवैध कब्जों पर कार्रवाई की। अतिक्रमण हटाने के लिए आज सुबह कार्रवाई की गई। इस दौरान कई बुलडोजर ने अवैध अतिक्रमण को गिराना शुरू किया। इस बीच दिल्ली नगर निगम की इस कार्रवाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस कार्रवाई पर यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश जारी किया। लेकिन इसके बाद कहीं बुलडोजर की कार्रवाई रोकी गई तो कहीं चलती रही। दिल्ली नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कॉपी नहीं मिली। ऐसे में कार्रवाई नहीं रोकी जा सकती। नगर निगम के दस्तों ने सडक़ पर बने कई अवैध दुकानों को तोड़ दिया। दस्ते ने सडक़ पर बने एक मजार को भी गिरा दिया। इस बीच कार्रवाई जारी रहने पर सीपीएम नेता वृंदा करात मौके पर पहुंची और स्पेशल डीसीपी दीपेंद्र पाठक से बात ककी। दीपेंद्र पाठक ने कहा है कि करात ने उन्हें न्यायालय के आदेश के बारे में बताया है। जिसके बाद बुलडोजर की कार्रवाई रोक दी गई। सुप्रीम कोर्ट में जमीयत उलेमा की ओर से वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल पेश हुए।
जहांगीरपुरी में जामा मस्जिद के सामने से अतिक्रमण को हटाने के बाद अब मंदिर के सामने से अतिक्रमण को हटाया गया। इस दौरान जहांगीरपुरी में फिर पथराव हो गया। मंदिर के पास कार्रवाई के दौरान कुछ पत्थर फेंके गए हैं। पुलिस ने एक पत्थर फेंकने वाले को हिरासत में ले लिया है। जहांगीरपुरी इलाके में मंदिर से लेकर मस्जिद के बीच के रास्ते में जो भी अवैध निर्माण है उस पर बुलडोजर चलाया गया है।
बुधवार को एमसीडी ने सडक़ पर हुए अवैध निर्माण और अतिक्रमण को हटाने के लिए बुलडोजर चलवाया। अभी बुलडोजर के एक्शन का एक-डेढ़ घंटा हुआ ही था कि मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया और कोर्ट ने अभियान पर रोक लगाते हुए यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दे दिया। अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान इलाके को पूरी तरह से छावनी में तब्दील कर दिया गया था और चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा था। ड्रोन से भी निगरानी रखी जा रही थी।