28 फरवरी को जो कुछ हुआ उसकी कल्पना शायद केन्द्रीय मंत्री वीके सिंह और उनकी पुत्री मृणालिनी सिंह ने भी नहीं की होगी। जब वीके सिंह की ओर से अयोध्या के लिए ट्रेन यात्रा का कार्यक्रम बनाया गया था तो आयोजकों के मन में कहीं ना कहीं यह डर था कि ट्रेन खाली ना रहा जाए। मगर जब 28 फरवरी को ट्रेन जाने का समय आया तो बहुत से लोगों को इसलिए मना किया गया क्योंकि ट्रेन फुल हो चुकी थी। खुद वीके सिंह ने भी यह नहीं सोचा था कि यात्रा पूरी होने पर उनको हजारों लोग, महिलाएं, बच्चे इस तरह से दुआएं देंगे। अब लोग मांग कर रहे हैं कि जल्द ही एक और ट्रेन की व्यवस्था वीके सिंह कराएं। यात्रा के इंचार्ज के रूप में अश्वनी शर्मा भी इस अनुभव तो जीवन भर भूल नहीं पांएगे। जनरल साहब की बेटी मृणालिनी सिंह तो सामान्य यात्रियों की ही तरह अयोध्या गईं थीं। यात्रा से पहले उनको भी आभास नहीं था कि सामान्य सा दिखने वाला यह कार्यक्रम इतना महत्वपूर्ण हो जाएगा। गाजियाबाद से अयोध्या तक की यात्रा करने वाले, राम लला के दर्शन करने वाले लोग इतने अभिभूत थे कि अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाए। लोगों की आंखों से निकलने वाली अश्रु धारा बता रही थी कि उन्होनें जनरल साहब को कितने शुभाशीष दिए हैं। लोगों को उम्मीद नहीं थी कि यात्रा इतनी शानदार होगी, जनरल साहब खुद अयोध्या में उनका स्वागत करेंगे और यात्रा समाप्त होने पर उनका सत्कार किया जाएगा। रेलवे स्टेशन पर जनरल साहब द्वारा दिए गए प्रतीक चिन्ह को लोगों ने अपने घर पर मंदिर में सजाया है। यात्रा से लौट कर लोग अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। वीके सिंह और मृणालिनी सिंह के व्यवहार और व्यवस्था की प्रशांसा करते नहीं थक रहे हैं। अश्वनी शर्मा और उनकी टीम भी प्रशंसा की हकदार है, जिन्होनें अंश भर भी अव्यवस्था नहीं होने दी। लोग अब इंतजार कर रहे हैं कि जनरल साहब अगली ट्रेन कब भेजेंगे।