जनरल कभी साधारण हो ही नहीं सकते
आज केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह के जन्मदिन के नजारे कुछ अलग ही थे। आज के नजारे देखकर यही लग रहा है कि जनरल वीके सिंह से गाजियाबाद के लोग कितना प्यार करते हैं। ऐसे-ऐसे लोगों की आंखों में आंसू देखे जो शायद पहले कभी नहीं देखे थे। आंसुओं के पीछे जो दर्द था वो टिकट कटने का था हिंदू संगठनों से जुड़े लोग हों या अन्य समाज से जुड़े लोग हो सभी मुबारकबाद के साथ ये भी कह रहे थे कि हर बार आप जन्मदिन यहीं मनाना। तीसरी आंख ने देखा कि एक ऐसे शख्स की आंख में आंसू थे जो हमेशा हिंदुत्व की लड़ाई लड़ता रहा, राष्टï्रभक्ति से जो सराबोर था, उम्र भी बहुत थी, स्वास्थ्य भी ठीक नहीं था लेकिन आंखों में आंसू थे जो इस बात की गवायी दे रहे हैं कि जनरल वीके सिंह ने दस साल में ये कमाई की। वही भीड़ थी, लोगों में वही जोश था और जनरल वीके सिंह की पत्नी भारती सिंह सभी से मिल रही थीं। हर बार की तरह कुलदीप चौहान के अंदर पूरा कॉन्फिडेंस था। केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह का जन्मदिन आज धूमधाम से मनाया जा रहा है। परिवार के साथ वीके सिंह गाजियाबाद में लोगों के बीच अपना जन्मदिन मना रहे हैं। बड़ी संख्या में गाजियाबाद के लोग उन्हें बधाईयां दे रहे थे। अधिकतर लोगों की संख्या उनकी रही जो जनरल साहब के कद और उनकी ईमानदारी की कद्र करते हैं। जनरल साहब कल क्या बनेंगे क्या नहीं बनेंगे ये अलग बात है लेकिन जनरल साहब साधरण कभी हो ही नहीं सकते क्योंकि वो देश के आर्मी चीफ रहे हैं। जाहिर है उनका ये कद सब पदों से ऊपर है। इसलिए वो मंत्री रहे ना रहे सांसद रहे ना रहे लेकिन जो उनका कद है वो हमेशा रहेगा। ये गाजियाबाद का सौभाग्य था कि जनरल वीके सिंह जैसा व्यक्तित्व यहां का प्रतिनिधित्व कर रहा था। उनका एक अलग ही प्रॉटोकॉल था कि सांसद तो 543 जीतेंगे लेकिन सबके अपने-अपने अलग कद होंगे। 15 साल से गाजियाबाद की लोकसभा सीट एक वीवीआईपी सीट थी। 2009 में लोगों के दिलों में राज करने वाले रक्षामंत्री राजनाथ सिंह यहां से सांसद बने और २०१४ तक गाजियाबाद का एक अलग ही जलवा रहा। सरकार भले ही भाजपा की नहीं थी लेकिन राजनाथ सिंह पुलिस और प्रशासन के किसी अफसर को फोन करते थे तो वो अफसर काम करके बताता था। भले ही सरकार नहीं थी लेकिन गाजियाबाद के लोगों को ये महसूस नहीं हुआ कि सरकार नहीं है। २०१४ के बाद जनरल वीके सिंह जैसा व्यक्ति यहां का सांसद बना। पहली बार भी मंत्री बने और दूसरी बार भी मंत्री बने और गाजियाबाद वीवीआईपी बना रहा। बहरहाल, इस बार उन्हें टिकट नहीं मिला। ये पार्टी का फैसला है। लेकिन जनरल साहब का कल भी एक कद था और आज भी एक कद है। भले ही वो इस बार चुनाव नहीं लड़े लेकिन दस साल में गाजियाबाद से जो रिश्ता बना है ये उसी का परिणाम है कि आज वो परिवार के साथ अपना जन्मदिन गाजियाबाद में मना रहे हैं। अब उन्हें गाजियाबाद में ना कोई वोट चाहिए है उसके बाद भी उनका प्यार और लोगों का प्यार उनके प्रति देखने को मिला। लोग आते हैं चले जाते हैं बहुत कम होते हैं जो रिश्तों को कायम रखते हैं। युग करवट परिवार की ओर से जनरल वीके सिंह को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। जय हिंद