– दुकानों के किराए बढ़ाने के मामले पर नगर विकास मंत्री को लिखा लेटर –
प्रमुख संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। नगर निगम द्वारा हाल ही में अपनी सभी 1702 दुकानों का किराया बढ़ाने और नामांत्रण बढ़ाकर तीन लाख रुपये करने को लेकर विवाद और बढ़ गया है। बीजेपी सांसद एवं केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं नागर विमानन मंत्रालय मंत्री वीके सिंह ने निगम द्वारा दुकानों के बढ़ाए गए किराए पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने प्रदेश के नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा को पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने नगर निगम के इस कदम पर ही सवाल खड़े कर दिए। उनका कहना था कि क्या दुकानों का किराया 25 वर्ष से यानी जब से आवंटन हुआ है तब से इस लिए तो नहीं बढ़ाया जा रहा है ताकी व्यापारी दुकान छोड़कर भाग जाए और पुन: किसी अन्य को फायदा पहुंचाने के लिए आवंटन तो नहीं करने के लिए है।
केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने अपने प्रदेश के नगर विकास मंत्री को लिखे पत्र में जिस तरह के शब्दों का प्रयोग किया है उससे बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। दरअसल यह पत्र केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने हाल ही में नगर विकास मंत्री को लिखा। अपने पत्र में श्री सिंह ने बताया कि मुझे भगत सिंह गोलमार्केट व्यापारी असोसिएशन के उपाध्यक्ष सतीश बत्रा का पत्र मिला है। जिसमें बताया गया कि नगर निगम ने 1702 दुकानों का किराया जब से आवंटन हुआ है तब से दस प्रतिशत हर वर्ष के हिसाब से बढ़ाने तथा नामांत्रण शुल्क बढ़ाकर तीन लाख रुपये कर दिया है। प्रदेश के नगर विकास मंत्री अरंविंद कुमार शर्मा को लिखे पत्र में मंत्री वीके सिंह ने कहा कि मैंने भी नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर द्वारा शासन को भेजी गई पत्रावली का अवलोकन किया है। अवलोकन करने के बाद मुझे लगता है कि क्या 25 साल पुरानी यानि जबसे दुकान आवंटित हुई किराया बढ़ाना न्योचित है। केंद्रीय मंत्री यहीं नहीं रूके उन्होंने अपने पत्र में आगे लिखा। क्या इतना बढ़ा हुआ किराया (25 साल का बकाया मिलाकर) इसलिए तो नहीं है ताकि व्यापारी दुकानें छोड़ दे और उन्हें पुन: किसी और को अलॉट किया जाए किसी और के फायदे के लिए, आगे उन्होंने नगर विकास मंत्री को लिखा कि मेरा अनुरोध है कि न्योचित किराया बढ़ाया जाए। शासनादेश के तहत और जिस दिन से बढ़ा है उस दिन से ही बढ़ी राशि देय हो।