युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के इलैक्ट्रोनिक्स तथा सूचना प्रौद्योगिकी,विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री अजीत सिंह पाल गाजियाबाद के भ्रमण पर पहुंचे। लेकिन इस भ्रमण के दौरान कई ऐसे नजारे सामने आए जब प्रोटोकॉल और सरकारी नियम कानून ताक पर रखे दिखाई दिए। राज्यमंत्री जिले के भ्रमण के दौरान जिले के जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक रखी थी। लेकिन यह बैठक पूरी तरह से भाजपा सगंठन की बैठक नजर आई। इस बैठक में महज एक मोदीनगर विधायक डॉ.मंजू सिवाच, एमएलसी सुरेश कश्यप और जिला पंचायत अध्यक्ष ममता त्यागी पहुंची थी। इसके अलावा भाजपा महानगर, जिलाध्यक्ष सहित भाजपा के अन्य पदाधिकारी इस बैठक में पहुंच गए। इस बैठक में जहां जिले के विकास की योजनाओं का लाभ जनता को कितना मिल रहा है इस पर चर्चा होनी थी, उसकी बजाए भाजपा नेताओं ने अपनी व्यक्तिगत समस्याएं राज्यमंत्री के समक्ष रखनी शुरू कर दी। बैठक में शामिल भाजपा नेताओं ने बताया कि उन्होंने राज्यंमत्री के समक्ष पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के व्यवहार की शिकायत की है। इस दौरान पुलिस द्वारा उनकी गाडियों से पार्टी के झंडे उतारने, पुलिस द्वारा उनकी शिकायत पर कार्रवाई न करना, सेक्टर-२३ संजयनगर में हाल ही में हुए विवाद को मुद्दा उठाया गया। यह पूरी बैठक जनता के हित से हटकर पार्टी पदाधिकारियों के व्यक्तिगत हित और शिकायतों पर आधारित रही। वहीं सरकारी कार्यालय में भाजपा संगठन की बैठक को लेकर डीएम आरके सिंह ने बताया कि मंडल के प्रभारी मंत्री के नाते जिले के दौरे पर आने से पहले जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर जिले में चल रही योजनाओं की जानकारी ली जाती है। इसी क्रम में यह बैठक जिला सभागार में रखी गई थी। हालांकि उन्होंने इस दौरान अन्य पदाधिकारियों के आने पर उन्हें रोके जाने से इंकार कर दिया कि किसी को बैठक में रोका नहीं जा सकता। डीएम ने बैठक में किसी भी प्रकार के प्रोटोकॉल के उल्लघंन से इंकार किया है।
अधिकारियों की कुर्सी पर जमे भाजपा नेता
किसी भी राज्यमंत्री की बैठक में अधिकारियों की कुर्सी उनके समीप ही होती है, लेकिन इस बैठक में ऐसा नहीं हो पाया। राज्यमंत्री की बैठक के दौरान अधिकारियों की कुर्सी पर भाजपा नेता बैठे दिखाई दिए। हालांकि इस बैठक को जनप्रतिनिधि की बैठक बता कर अधिकारियों ने भी किनारा कर लिया।

जिला पंचायत अध्यक्ष को नहीं मिला प्रोटोकॉल
शुक्रवार को जिला सभागार में राज्यमंत्री अतुल सिंह पाल की अध्यक्षता में हुई जनप्रतिनिधियों की बैठक में कई प्रोटोकॉल टूटते नजर आए। जिला पंचायत अध्यक्ष का पद एक सम्मानीय और जिले की प्रथम नागरिक मानी जाती है। ऐसे में उन्हें राज्यमंत्री के बराबर कुर्सी मिलनी चाहिए थी, लेकिन इस बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष ममता त्यागी को पांचवें नम्बर पर साइड की कुर्सी पर बैठाया गया। उनकी और अधिकारियों की कुर्सी पर जिलाध्यक्ष दिनेश सिंघल व भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा जमे हुए थे।

राज्यमंत्री ने किया कई जगह का भ्रमण
शुक्रवार को गाजियाबाद भ्रमण पर पहुंचे राज्यमंत्री अजीत पाल सिंह ने संजयनगर स्थित संयुक्त अस्पताल का सबसे पहले निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न वार्डो, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड सेन्टर का निरीक्षण किया। इसके बाद वह लोहिया नगर स्थित कम्पोजिट विद्यालय का निरीक्षण किया और छात्रों से भी बात की। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मंत्री द्वारा जिलों को भ्रमण किया जा रहा है ताकि यह देखा जा सका कि सरकार की योजनाओं का लाभ आम जन को मिल रहा है या नहीं।