गाजियाबाद (युग करवट)। उत्तर प्रदेश में व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर जीएसटी को लेकर सर्वे-छापे के विरोध में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के व्यापरियों ने एडिशनल कमिश्नर गे्रड-१ के माध्मय से सीएम योगी के नाम ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने अपने ज्ञापन में कहा कि जीएसटी लागू होने के दो साल तक लॉकडाउन के प्रभाव से व्यापार में अस्थिरता का माहौल रहा था। व्यापारियों ने कहा कि जीएसटी अधिकारियों द्वारा पंजीयन बढ़ाने के नाम पर की जा रही कार्रवाई गलत है। वैट में पांच लाख रुपए तक व्यापार करने वाले व्यापारियों को ही रजिस्ट्रेशन से छूट थी, लेकिन जीएसटी में ४० लाख तक का व्यापार करने वाले व्यापारियों को रजिस्ट्रेशन से छूट प्राप्त है। आए दिन जीएसटी में रजिस्टर्ड व्यापारियों के यहां सर्वे छापे मारे जा रहे हैं। मानवीय भूलों को आधार बनाकर लाखों रुपए जुर्माना लिया जा रहा है और जेल भेजा जा रहा है। व्यापारियों ने ज्ञापन में प्रदेश सरकार से मांग की है कि जीएसटी विभाग सभी व्यापारियों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करना चाहता है तो पहले उसे जीएसटी काउंसिल भेजा जाए, जहां से पारित होने के बाद संसद में पारित करा उसे लागू कराया जा सकेगा। उसके बाद ४० लाख तक के टर्न ओवर वाले व्यापारियों को जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए बाध्य किया जा सकता है। इसके अलावा व्यापारियों ने सर्वे छापे की कार्रवाई तत्काल प्रभाव से रोकने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में एमके गुप्ता, देवेेन्द्र कुमार, जिलाध्यक्ष प्रेमचंद गुप्ता, लक्ष्मीनारायण सिंघल, राजहंस दयाल, नरेन्द्र कुमार आदि मौजूद रहे।