युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। मधुबन-बापूधाम कॉलोनी के प्रभावित छह गांवों के किसानों ने बड़ा बयान दिया। इसके लिए बनी किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरदीप शर्मा ने कहा कि जल्दी ही अब किसानों की बैठक जीडीए के अधिकारियों के साथ होगी। किसानों ने इस बैठक के लिए जीडीए के सामने नया प्रस्ताव पेश किया है। बैठक में शर्त के मुताबिक सांसद, विधायक, आदि जन प्रतिनिधि शामिल होंगे। किसान नेता ने बैठक में कहा कि अगर किसी भी जनप्रतिनिधि ने किसानों की मांगों का समर्थन नहीं किया या फिर वह बैठक में शामिल नहीं हुए तो उनको लेकर किसान नई रणनीति बनाएंगे। नई रणनीति के तहत किसान ऐसे जनप्रतिनिधियों के घरों के बाहर धरना देंगे जो छह गांवों के किसानों की मांग का समर्थन नहीं करेंगे। इन छह गांवों में सदरपुर, रईसपुर, बयाना, मैनापुर, दुहाई, और भिकनपुर शामिल है। इन गांवों की करीब 1234 एकड़ जमीन जीडीए ने वर्ष 2006 में अधिग्रहण की थी। किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जीडीए से जमीन ली थी। शर्त लगाई गई कि अगर कोई भी योजना से जुड़ा किसान कोर्ट से अधिक मुआवाजे का आदेश कराकर लाता है तो इसका लाभ योजना के बाकी सभी किसानों को मिलेगा। योजना के किसानों का आरोप है कि 281 एकड़ से प्रभावित किसानों को जीडीए ने बढ़ा हुआ मुआवजा दिया है। अब इसी आधार बाकी किसानों ने इसकी लाभ देने की मांग की, तो जीडीए इसका लाभ किसानों को देने को तैयार नहीं है। कई बार किसान जीडीए का घेराव भी कर चुके है। इसके बाद भी जीडीए किसानों की मांग मानने को तैयार नहीं है।
हाल ही में जीडीए का किसानों ने एक बार फिर से घेराव किया था। इसके बाद हुई बैठक में जीडीए ने किसानों की मांगों को मानने से इनकार कर दिया। अब किसानों का कहना है कि जीडीए अब किसानों के साथ जनप्रतिनिधियों को लेकर बैठक करे। किसान नेता शर्मा का कहना है कि यह बैठक जल्दी ही होने जा रही है।
किसान नेता सुरदीप शर्मा ने कहा कि अगर किसानों की बैठक में किसी भी जनप्रतिनिध ने किसानों की मांग का विरोध किया या वह बैठक में शामिल नहीं होते है तो ऐसे नेता के आवास का किसान घेराव करेंगे। किसानों ने जिस अंदाज में यह चेतावनी दी है। यह एक बड़ा मामला माना जा रहा है। इसको लेकर अब भाजपा जनप्रतिनिधि सहमे हैं।