युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। वरिष्ठ भाजपा नेता पुष्पेंद्र रावत ने रालोद के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री चौ. अजित सिंह ने निधन पर गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि चौ. अजित सिंह ने हमेशा अपनी राजनीति में किसानों के हित को ही सर्वोपरि माना है। उनके लिए किसानों का हित ही राजनीति करने का एकमात्र उद्देश्य था। कभी भी दूसरे मुद्दों को ज्यादा महत्व नहीं देते थे। वे हमेशा किसानों के हित के बारे में सोचते थे। तभी उनके साथ हर धर्म, हर समाज के लोग जुड़े हुए थे। राजनीति में ऐसे विलक्षण नेता बहुत ही कम होते हैं। उनके निधन से कृषि और किसान आधारित राजनीतिक के एक अध्याय का अंत हो गया है। वे किसानों की आवाज थे। संसद में जब भी बोलते थे, सत्ताधारी और विपक्षी दल, उनकी बातों को बहुत ही गंभीरता के साथ लेते थे। उनके एक एक शब्द में किसानों से जुड़ी बातों की गंभीरता होती थी। पुष्पेंद्र रावत ने कहा कि चौ. अजित सिंह के निधन से सिर्फ रालोद को क्षति नहीं हुई है, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और देश के किसानों को क्षति हुई है। वे किसानों के मसीहा कहलाए जाते थे। पूर्व प्रधानमंत्री चौ. चरण सिंह की विरासत को मजबूती के साथ संभाल रहे थे। पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि चौ. अजित सिंह की राजनीति में किसी से भी वैमनस्यता नहीं थी। वे रालोद में थे लेकिन उनके मित्र और प्रशंसक हर दल में है। यही कारण है कि उनके निधन पर सभी दलों के नेताओं ने अपना दुख जताया है।