युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। दिवंगत चौधरी अजित सिंह की श्रद्घांजलि सभा एवं रस्म पगड़ी कार्यक्रम 12 सितंबर को बागपत के छपरौली में रखी गई है। इस दिन स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह के पोते और दिवंगत अजित सिंह के पुत्र जयंत चौधरी को बाकायदा सियासी विरासत सौंपने की तैयारी है। श्रद्घांजलि सभा और रस्म पगड़ी के इस कार्यक्रम में रालोद पश्चिमी यूपी में नई इबारत भी लिखी जाएगी। सूत्रों की मानें तो सभा में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान की लगभग 2500 खापों के मुखियाओं के पहुंचने की उम्मीद है। साथ ही हजारों ग्राम प्रधान भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। माना जा रहा है कि श्रद्घांजलि सभा और जयंत चौधरी की रस्म पगड़ी के इस कार्यक्रम के जरिए रालोद पश्चिमी यूपी में अपनी खोई हुई ताकत फिर से जुटाए जाने का अहसास भी कराना चाहता है।
गौरतलब है कि चौधरी अजित सिंह का निधन छह मई को गुडग़ांव के एक निजी अस्पताल में हो गया था। कोरोना संग्रमण के चलते वे मौत के हाथों जिंदगी की जंग हार गए थे। चौधरी अजित सिंह अपने पिता देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के नक्शे कदम पर चलते हुए राजनीति में आगे बढ़े थे। अपने पिता की तरह उन्हें भी गरीबों, किसानों और मजदूरों का मसीहा कहा जाता था। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे सात बार सांसद रहे थे और केंद्र सरकार में उड्डयन मंत्री भी रहे थे। कोरोना के दौर में हुए उनके देहांत के बाद अंतिम संस्कार भी प्रोटोकॉल के तहत किया गया था। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता कम ही संख्या में उसमें शरीक हो पाए थे। पश्चिमी यूपी के इस लोकप्रिय नेता को श्रद्घांजलि अर्पित करने के लिए बागपत जनपद के छपरौली के विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में श्रद्घांजलि सभा और रस्म पगड़ी कार्यक्रम रखा गया है। कार्यक्रम में दिवंगत चौधरी अजित सिह को श्रद्घासुमन अर्पित करने के साथ-साथ जयंत चौधरी को उनकी सियासी विरासत भी सौंप दी जाएगी। जयंत चौधरी को उनके पिता की सियासी विरासत ऐसे खास समय पर सौंपी जाएगी जब प्रदेश के विधानसभा चुनाव सिर पर हैं। ऐसे में श्रद्घांजलि सभा के जरिए रालोद अपनी ताकत का अहसास कराने की तैयारी में भी जुटा हुआ है।
रालोद के महानगर अध्यक्ष अरुण चौधरी भुल्लन बताते हैं कि पिछले पंद्रह दिनों से वे इस अहम कार्यक्रम को सफल बनाने की तैयारियों में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि गाजियाबाद से दर्जनों बसों में भरकर सैंकड़ों रालोद कार्यकर्ताओं को छपरौली ले जाने की तैयारी है। इसके साथ ही निजी वाहनों से भी रालोद कार्यकर्ता छपरौली पहुंचेंगे। अरुण चौधरी भुल्लन ने बताया कि गाजियाबाद जनपद की बात की जाए तो 60 बसों से अधिक में रालोद कार्यकर्ताओं को छपरौली ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हजारों की संख्या में छपरौली पहुंचकर रालोद कार्यकर्ता अपने दिवंगत नेता को श्रद्घांजलि तो देंगे ही, जयंत चौधरी को पगड़ी पहनाए जाने के इस ऐतिहासिक पल के गवाह भी बनेंगे। महानगर अध्यक्ष बताते हैं कि कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश ही नहीं हरियाणा, राजस्थान, पंजाब की लगभग सभी खापों के चौधरी भी चौधरी अजित सिंह की श्रद्घांजलि सभा में उन्हें पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। दरअसल, उत्तर प्रदेश में पिछले विधानसभा चुनाव तक लगभग सिमट चुकी रालोद को किसान आंदोलन ने नई दिशा दी है। रालोद को पश्चिमी यूपी में अपनी खोई हुई जमीन फिर से वापस मिलती नजर आ रही है। ऐसे में रालोद किसी भी मौके को गंवाना नहीं चाहती है। यह ऐसा मौका है जब पार्टी अपनी ताकत का अहसास फिर से कराना चाहती है। पश्चिमी यूपी की जनता में इस बात का संदेश देना चाहती है कि पार्टी एक बार फिर से अपनी सियासी जमीन पर पूरी ताकत के साथ खड़ी हुई है।