जंयत चौधरी के नेतृत्व में रालोद को मिलेगी मजबूती
युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। राष्टï्रीय लोकदल के मुखिया चौधरी अजित सिंह के निधन के बाद उनके बेटे जयंत चौधरी ने रालोद की कमान संभाली है। युवा रालोद के राष्टï्रीय अध्यक्ष चौधरी वसीम अहमद (राजा) ने कहा कि चौधरी अजीत सिंह किसानों के सच्चे नेता थे, हमदर्द थे। किसान हित के कार्यों के लिए चौधरी अजित सिंह हर समय मौजूद रहते थे। उनके जैसा किसान नेता आज तक कोई नहीं हुआ जिसने किसानों का प्रदेश ही नहीं बल्कि केंद्र स्तर पर भी ना सिर्फ नेतृत्व किया बल्कि उनकी आवाज़ को उठाया। चौधरी अजित सिंह सीधे-साधे व्यक्तित्व के नेता थे, उनके घर पर जो भी उनसे मिलने जाता था, वह अच्छे से उनसे मिलते थे। उनका व्यवहार इतना मिलनसार था कि जो भी उनसे एक बार मिल लेता था, वह हमेशा उसके जहन में बस जाते थे। यही कारण थे कि गांव के सीधे-साधे किसान उन तक ना सिर्फ अपनी परेशानी बताने पहुंच जाते थे बल्कि वह किसानों के वो असली मसीहा थे। रालोद संगठन को मजबूती देने के लिए चौधरी अजित सिंह हमेशा कार्यशील रहते थे। यहां तक कि अपनी बीमारी के समय भी किसानों के आंदोलन को ना सिर्फ उन्होंने समर्थन दिया बल्कि अपने सुपुत्र जयंत चौधरी को आंदोलन में किसान नेताओं से मिलने भेजा और उन्हें हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। यह चौधरी अजित सिंह ही थे जिनके सहयोग से किसान आंदोलन एक बार फिर मजबूती से खड़ा हुआ। उनके निधन से पश्चिमी यूपी के किसानों की आवाज़ को मजबूती से उठाने वाला एक नेता चला गया। लेकिन उनकी राजनीतिक विरासत जयंत चौधरी को मिली है जो उनकी तरह ही किसानों के हमदर्द हैं। जयंत चौधरी ने जब से रालोद में अपनी जिम्मेदारी संभाली है, वह ना सिर्फ संगठन को मजबूत करने वाले किसानों की समस्याओं को दूर करने के कार्य में जुटे रहते हैं। चौधरी वसीम अहमद ने कहा कि जयंत चौधरी ने लगातार किसान आंदोलन के समर्थन में पंचायतें और रैलियां की हैं और कहा कि इस तरह से ही किसान आंदोलन को मजबूत करते रहेंगे लेकिन किसानों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। अब जयंत चौधरी ने रालोद के राष्टï्रीय अध्यक्ष के रूप में अपनी नई जिम्मेदारी संभाली है जिससे किसानों में फिर से एक नया जोश भरा है। आने वाले समय में जयंत चौधरी के निर्देशन में रालोद एक बेहद मजबूत संगठन के तौर पर खड़ा होगा जो किसानों की मजबूत आवाज़ बनकर उभरेगा। रालोद का हर कार्यकर्ता अपने राष्टï्रीय अध्यक्ष के साथ पूरे जोश के साथ सहयोग करने के लिए खड़ा है ताकि रालोद एक मजबूत संगठन बन सके । इतना ही नहीं, किसान आंदोलन में भी रालोद इसी मजबूती से खड़ा रहेगा। वसीम अहमद ने कहा कि जयंत चौधरी को राजनीति जरूर विरासत में मिली है लेकिन उनकी कार्यशैली ऐसी है कि हर कोई चाहे वह छोटा हो या बड़ा, उन्हें अपना नेता मानता है। चौधरी अजित सिंह की तरह ही जयंत चौधरी भी बेहद मिलनसार व्यक्तित्व हैं।